सीकर

शेखावाटी में हर साल पहुंच रहे 3 करोड़ से ज्यादा भक्त, फिर भी दर्शन के लिए स्पेशल बस सेवा नहीं

शेखावाटी में परिवहन नेटवर्क बेहद ही लचर है। यदि सरकार की ओर से परिवहन सुविधा को मजबूत किया जाए तो यहां धार्मिक पर्यटन और बढ़ सकता है।
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Jul 18, 2026
Khatu-Shyam-Mela
खाटू श्यामजी मेला। पत्रिका फाइल फोटो

सीकर। राज्य सरकार की ओर से लगातार धार्मिक पर्यटन के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के दावे किए जा रहे है। इसके बाद भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शेखावाटी में परिवहन नेटवर्क बेहद ही लचर है। एक तरफ खाटूश्यामजी, सालासर, जीणामाता, रैवासा, हर्ष, शाकम्भरी में हर साल आने वाले भक्तों की संख्या तीन करोड़ तक पहुंच गई है।

दूसरी तरफ राजस्थान रोडवेज के साथ पर्यटन विभाग की ओर से स्पेशल बस सेवा संचालित नहीं है। इस कारण यहां आने वाले ज्यादातर भक्तों को निजी बस सेवा के भरोसे ही रहना पड़ता है। यदि सरकार की ओर से परिवहन सुविधा को और मजबूत किया जाता है तो यहां धार्मिक पर्यटन और बढ़ सकता है। भक्तों का कहना है कि सीकर व जयपुर सहित अन्य जिला मुख्यालयों से रोडवेज की सेवा का भी टोटा है।

चिन्ता: खाटू में सबसे ज्यादा उछाल

खाटूश्यामजी में हर साल लगभग तीन करोड़ तक भक्त पहुंच चुके है। खाटूश्यामजी में भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तरप्रदेश, हिमाचल, हरियाणा व चंडीगढ़ सहित कई राज्यों से खाटूश्यामजी बस सेवा शुरू हो चुकी है। जबकि सीकर से रोडवेज की बस नहीं जाती है। जबकि सीकर से रोजाना निजी क्षेत्र की 200 से अधिक बसें रोजाना खाटूश्यामजी जाती है।

खुद निजी सेवा को दे रहे बढ़ावा

खाटूश्यामजी भक्त मंडल के अलावा इलाके के ग्रामीणों की ओर से लगातार रोडवेज सेवा शुरू करने की मांग की जा रही है। इसके बाद भी रोडवेज की ओर से खाटूश्यामजी के लिए रोडवेज सेवा शुरू नहीं की जा रही है। इस कारण भक्तों के साथ इलाके के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाके के लोगों का आरोप है कि रसूखदारों की निजी बसों को फायदा पहुंचाने के लिए रोडवेज के लिए खाटू के लिए बस नहीं चलाई जा रही है।

पर्यटन सर्किट को जोड़ने के लिए भी बस नहीं

शेखावाटी में खाटूश्यामजी, सालासर, जीण भवानी, रानी शक्ति व शाकम्भरी आदि स्थानों को जोड़ने के लिए भी बस सेवा नहीं है। इस कारण भक्तों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भक्तों का कहना है कि यदि जयपुर से विभाग की ओर से शेखावाटी दर्शन के हिसाब से नई बस सेवा शुरू की जाए तो काफी राहत मिल सकती है।

टॉपिक एक्सपर्ट

शेखावाटी में धार्मिक पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। पर्यटन क्षेत्र के लिए सबसे जरूरी परिवहन ही है। शेखावाटी के धार्मिक स्थलों पर आने वाले 55 से 60 फीसदी पर्यटक फिलहाल अपने साधनों के जरिए पहुंचते है। इसके अलावा अन्य पर्यटक सार्वजनिक क्षेत्र के संसाधनों पर निर्भर है। यदि सरकार की ओर से रोडवेज के नए रूट शुरू किए जाते है तो पर्यटकों को काफी फायदा हो सकता है।

  • अरुण भूकर, पर्यटन मामलों के विशेषज्ञ
Updated on:
18 Jul 2026 05:53 pm
Published on:
18 Jul 2026 05:53 pm