
मृतका अंजली की फाइल फोटो: पत्रिका
Rajasthan Pregnant Women Death Case Update: जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक प्रसूता की हालत गंभीर होने का मामला सामने आया है। नांता निवासी 30 वर्षीय पार्वती को फिलहाल मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (एसएसबी) के आइसीयू में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। परिजन ने ऑपरेशन के बाद लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
पति नीनू कुमार के अनुसार प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने पर चिकित्सकों ने परिजन की सहमति से बच्चेदानी निकाल दी। इसके बाद भी महिला की तबीयत बिगड़ती गई और उसे आइसीयू में शिफ्ट करना पड़ा।
वहीं अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार किया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि महिला गंभीर अवस्था में भर्ती हुई थी। उसके दोनों पैरों में पोलियो है और उसे पहले ही रक्त चढ़ाया जा चुका था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि वह तीन दिन तक दाई से प्रसव कराने का प्रयास करती रही, जिससे बच्चेदानी फट गई और संक्रमण फैल गया। ऐसे में संक्रमित बच्चेदानी निकालना चिकित्सकीय रूप से आवश्यक था। फिलहाल महिला का उपचार जारी है।
बांसवाड़ा: एक और प्रसूता और नवजात की मौत
बांसवाड़ा जिले में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्रसिंह खींवसर के दौरे के दिन ही बुधवार की रात्रि को जिले की एक और प्रसूता की मौत हो गई है। जिले में अब तक 6 प्रसूताओं और 3 नवजात शिशुओं की मौत हो चुकी है। कालाखुंटा सज्जनगढ़ निवासी शिल्पा (20) पत्नी महेन्द्र को प्रसव पीड़ा होने पर किसी दवाखाने में लेकर गए थे। पर तब तक उसकी डिलीवरी हो गई थी और मृत शिशु का जन्म हुआ था। अत्यधिक रक्तस्त्राव होने एवं प्रसूता की हालत अत्यंत गंभीर होने पर उसे उदयपुर के लिए रैफर कर दिया। 15 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) में सिजेरियन प्रसव के बाद गंभीर हालत में जयपुर रेफर की गई प्रसूता की चौमूं के एक निजी अस्पताल में बुधवार देर रात मौत हो गई। इसके विरोध में गुरुवार को परिजन और ग्रामीणों ने एमसीएच अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में शव रखकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार खादरा निवासी अंजली (25) पत्नी राजकुमार सैनी को 12 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर एमसीएच में भर्ती कराया गया था। 14 जुलाई को सिजेरियन ऑपरेशन से उसने बच्ची को जन्म दिया। परिजन का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने के बावजूद समय पर समुचित उपचार नहीं मिला, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। परिजन उसे चौमूं के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान बुधवार देर रात उसकी मौत हो गई। वहीं, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत कटारिया ने बताया कि भर्ती के समय प्रसूता गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी और उसे रक्त चढ़ाया गया था। ऑपरेशन के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर सभी आवश्यक उपचार किए गए लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।
Updated on:
17 Jul 2026 07:13 am
Published on:
17 Jul 2026 07:13 am
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