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राजस्थान: विदेश से गैंग चला रहा रोहित गोदारा, रंगदारी के कॉल से सहमे व्यापारी; कार्रवाई की रफ्तार पर उठे सवाल

विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा और उसके गुर्गों की ओर से लगातार रंगदारी की धमकियां मिलने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से व्यापारियों और आमजन में चिंता बढ़ रही है।
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सीकर

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Anil Prajapat

Jul 15, 2026

rohit godara

गैंगस्टर रोहित गोदारा। फाइल फोटो- पत्रिका

सीकर। विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा और उसके गुर्गों की ओर से लगातार रंगदारी की धमकियां मिलने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से व्यापारियों और आमजन में चिंता बढ़ रही है। हाल ही में दो कारोबारियों से दो-दो करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज हुआ है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच पुलिस के स्लोगन "आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय" पर भी सवाल उठने लगे हैं।

विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह के सदस्य लगातार सीकर के व्यापारियों, प्रॉपर्टी कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों को वॉट्सऐप कॉल के जरिए रंगदारी और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। इसके बावजूद विदेश में फरार आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से कारोबारियों में असुरक्षा का माहौल है। हाल ही में उद्योग नगर थाना क्षेत्र के कारोबारी पवन ढाका और सुरेंद्र सैनी ने गैंगस्टर रोहित गोदारा, हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र चारण और राहुल रिणाउ के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

परिवाद के अनुसार दोनों से दो-दो करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई। मामले की जांच उद्योग नगर थानाधिकारी राजेश कुमार बुडानिया कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले करीब डेढ़ वर्ष में जिले के 20 से अधिक व्यापारियों, प्रॉपर्टी कारोबारियों और नेताओं को रंगदारी की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि कई पीड़ितों ने भय के कारण पुलिस में शिकायत तक दर्ज नहीं कराई।

कुछ माह पहले फतेहपुर के दो व्यापारी कथित रूप से मामला दर्ज कराने के बजाय विदेश चले गए थे। कई संवेदनशील लोगों को पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई है। विदेश में फरार आरोपियों के खिलाफ अब तक रेड कॉर्नर नोटिस जैसी कानूनी कार्रवाई की प्ररि या अपनाई गई है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी कारण व्यापारिक वर्ग में लगातार चिंता बनी हुई है।

हथियार सप्लाई से भी जुड़ा है नेटवर्क

जून में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और सीकर पुलिस ने बजाज रोड स्थित एक फ्लैट से चार ऑटोमैटिक पिस्टल और 63 कारतूस बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि अजीतगढ़ निवासी बदमाश सागर सिंह, जो पैरोल पर बाहर आने के बाद विदेश भाग गया, ने अपने नेटवर्क के जरिए सीकर में हथियार भिजवाए थे। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

इन क्षेत्रों के कारोबारी रहे निशाने पर

जांच एजेंसियों के अनुसार फतेहपुर, खाटूश्यामजी, नीमकाथाना, रानोली, लक्ष्मणगढ़, खुड़ी, कटराथल और सीकर शहर के कई व्यापारी, प्रॉपर्टी कारोबारी और जनप्रतिनिधि गैंगस्टरों के निशाने पर रहे हैं। अधिकांश धमकियां वॉट्सऐप ऑडियो कॉल के जरिए दी गई।

इनका कहना है

एडवोकेट हरीश कुमार शर्मा का कहना है कि विदेश में छिपे हिस्ट्रीशीटर या अपराधी के खिलाफ भारतीय पुलिस और जांच एजेंसियां इंटरपोल के जरिए प्रत्यर्पण संधियों और कानूनी नोटिसों के जरिए सख्त कार्रवाई कर सकती है। यदि आरोपी न्यायालय के समन या वारंट का पालन नहीं करता है, तो स्थानीय अदालत भगोड़ा घोषित करके उसकी भारत में स्थित संपत्तियों को कुर्क कर सकती है।