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Rajasthan: नाबलिग बच्ची की 42 साल के विधुर से करवा रहे थे शादी, पुलिस पहुंची तो पता चला 5 मासूमों का तय हुआ था रिश्ता

Aata-Saata Marriage Case: राजस्थान के सीकर में आटा-साटा प्रथा के तहत 3 नाबालिग लड़कियों और 2 नाबालिग लड़कों के बाल विवाह की तैयारी चल रही थी जिसमें एक 12वीं पास नाबालिग लड़की की शादी 42 वर्षीय विधुर से तय की गई थी।
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सीकर

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Akshita Deora

Jul 18, 2026

Child Marriage Stopped

AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर

Rajasthan Child Marriage Case: सीकर के गोकुलपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में आटा-साटा प्रथा के नाम पर 3 नाबालिग लड़कियों और 2 नाबालिग लड़कों की शादी कराए जाने की तैयारी थी। इनमें एक 12वीं पास नाबालिग लड़की का विवाह 42 साल के विधुर से सिर्फ इसलिए तय किया गया था ताकि बदले में उसके चाचा अपने दो नाबालिग बेटों की शादी करा सके। सूचना मिलने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन और गायत्री सेवा संस्थान की संयुक्त कार्रवाई से न्यायालय के आदेश पर पांच घंटे के भीतर सभी बाल विवाह रुकवा दिए गए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुपा गुप्ता के निर्देशन में सचिव शालिनी गोयल ने मामले की सूचना मिलते ही टीमों को गांव भेजा। जांच में सामने आया कि आटा-साटा प्रथा के तहत एक व्यक्ति अपनी नाबालिग भतीजी की शादी 42 साल के विधुर से करवा रहा था। इसके बदले उसके दो नाबालिग बेटों, जिनकी उम्र 9 और 12 साल है, उनकी शादी भी कुछ दिनों बाद नाबालिग बच्चियों से कराई जानी थी।

5 नाबालिगों के होने थे विवाह

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभांगिनी चौहान ने बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा 13(1) के तहत निषेधाज्ञा जारी की। आदेश में स्पष्ट किया गया कि कानूनी आयु से पहले किसी भी बच्चे का विवाह नहीं कराया जा सकता। न्यायालय के आदेश के बाद पांच घंटे के भीतर पांचों नाबालिगों के विवाह रुकवा दिए गए।

गायत्री सेवा संस्थान और चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना मिली थी कि गांव में नाबालिग लड़की की शादी हो रही है। संस्था के सदस्यों और सीकर के गोकुलपुरा थाना पुलिस के पहुंचने पर परिवार ने उन्हें गुमराह करते हुए कहा कि शादी बालिग लड़की की है। आयु संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए।

इसके बाद टीम ने संबंधित सरकारी स्कूल पहुंचकर रिकॉर्ड और दसवीं की अंकतालिका की जांच की। दस्तावेजों से पुष्टि हुई कि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है। इसके बाद पूरे आटा-साटा विवाह की योजना का खुलासा हुआ।

पढ़ना चाहती है बेटी, वकील बनना चाहता है बेटा

कार्रवाई के दौरान नाबालिग छात्रा ने बताया कि वह 12वीं उत्तीर्ण कर चुकी है और आगे पढ़ाई करना चाहती है। वहीं 12 साल के बालक ने टीम से कहा कि वह बड़ा होकर वकील बनेगा और परिवार की कुर्क जमीन छुड़ाएगा। उसे डर था कि कम उम्र में शादी होने पर पढ़ाई बीच में ही छूट जाएगी।

ऐसे पता लगी नाबालिग की आयु

  • परिवार ने पहले पुलिस व टीम को गुमराह किया।
  • आयु के दस्तावेज देने से इनकार किया।
  • स्कूल रिकॉर्ड और 10वीं की अंकतालिका से नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
  • जांच में आटा-साटा प्रथा के तहत तीन लड़कियों और दो लड़कों के बाल विवाह की योजना सामने आई।
  • न्यायालय के हस्तक्षेप से सभी पांचों बाल विवाह रुकवाए गए।