प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में इन दिनों शिक्षा सप्ताह चल रहा है, जिसमें हर दिन अलग-अलग गतिविधियां कर उनकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी जा रही है।
Sikar News : सीकर. चित भी मेरी और पट भी मेरी.. ये कहावत इन दिनों सरकार सरकारी स्कूलों पर चरितार्थ कर रही है। प्रदेश सरकार ने एक तरफ स्कूलों में मोबाइल पर पाबंदी लगा रखी है, तो दूसरी और मोबाइल से जानकारी अपलोड नहीं करने पर उन्हें नोटिस भी थमाया जा रहा है। ताजा मामला राज्य सरकार के वृक्षारोपण अभियान का है। इसमें पौधा लगाने के बाद जिओटेगिंग नहीं करने पर जिले की ही कई सरकारी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है।
मोबाइल पर करने होते हैं 10 से ज्यादा काम
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए मोबाइल प्रतिबंधित तो कर दिया, लेकिन उनके मोबाइल संबंधी कार्य अब भी बंद नहीं किए गए हैं। अब भी 10 से ज्यादा काम ऐसे हैं जिनके लिए मोबाइल की जरुरत पड़ती है। मसलन, आरकेएसएमबी यानी राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम में बच्चों की फोटो व गतिविधि अपलोड करना, पढ़ाई से संबंधित मिशन ज्ञान, कर्मयोगी व दीक्षा एप, पोषाहार सूचना, बाल गोपाल एप से दूध के आंकड़े ऑनलाइन करना, हाउसहोल्ड सर्वे, वृक्षारोपण की जियोटेगिंग तथा नामांकन अपडेट सहित शाला दर्पण के कई काम में मोबाइल की जरुरत पड़ रही है।
जो समय पर नहीं होने पर भी स्कूलों को कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है। प्रवेशोत्सव के बीच सरकारी स्कूलों के लिए पौधरोपण व जियो टेगिंग से उसका पूरा विवतरण देना भी परेशानी का सबब बन गया है। इसमें उन्हें पौधे के लिए गड्ढे की तस्वीर से लेकर, पौध वितरण, पौधे की साइज सहित कई तरह की जानकारी अपलोड करने में समय देना पड़ रहा है। ऐसा नहीं करने पर नोटिस दिया जा रहा है। वृक्षारोपण अभियान में जिओ टेगिंग नहीं करने पर शिक्षा विभाग ब्लॉकवार स्कूलों को नोटिस जारी कर रहा है। हाल में धोद सीबीईईओ ने इस संबंध में राउमावि भीमा, भिराणा, चंदपुरा, चिड़ासरा, हर्ष, जाचास, जाना, कूदन, नानी, पूरा छोटी, रसीदपुरा, सबलपुरा, सामी, सांगलिया, तासरबड़ी व टाटनवां स्कूल को वृक्षारोपण की जीयोटेगिंग में शिथिलता बरतने का नोटिस दिया गया है।
'शैक्षिक गुणवत्ता एवं सरकार के आदेश की अनुपालना में शिक्षकों ने स्कूल में मोबाइल रखना बंद कर दिया है। बिना मोबाइल ऑनलाइन कार्य किया जाना असभव है। अधिकारी गण शिक्षकों को नोटिस जारी करने की गलती न करें ,अन्यथा संगठन पुरजोर विरोध करेगा।' विनोद पूनिया, जिलाध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत)
लक्ष्मणगढ़. प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में इन दिनों शिक्षा सप्ताह चल रहा है, जिसमें हर दिन अलग-अलग गतिविधियां कर उनकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी जा रही है। लेकिन तय शेड्यूल में रविवार को भी गतिविधियों के आदेश ने शिक्षकों, विद्यार्थियों व अभिभावकों की पसोपेश बढ़ा दी है। खास बात ये भी है कि इसी दिन कर्मचारी चयन बोर्ड की छात्रावास अधीक्षक भर्ती परीक्षा के केंद्र भी इन सरकारी स्कूलों में हैं। ऐसे में उलझन ज्यादा बढ़ गई है। मामले में शिक्षक संगठनों में आक्रोश भी है।
रविवार को इन गतिविधियों के आदेश
शिक्षा सप्ताह में 28 जुलाई को समुदाय को विद्यालय से जोडऩे के लिए विद्यार्थियों की रैली आयोजित करने, एसएमसी व एसडीएमसी की मीटिंग करने, भामाशाहों को आमंत्रित व प्रेरित करने, विद्यालय के सूचना पट्ट पर भामाशाहों के नाम अंकित करने, सहयोग करने वाले भामाशाहों को प्रशस्ति-पत्र देकर समानित करने, ज्ञान संकल्प पोर्टल का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार कर सहयोग के लिए लोगों को प्रेरित करने तथा भामाशाह बनो अभियान की थीम पर विद्यार्थियों की पोस्टर प्रतियोगिता करवाने के निर्देश विद्यालयों को दिए गए हैं। इसके साथ ही आयोजन में भाग लेने वाले विद्यार्थियों, सदस्यों व कार्मिकों की सूचना तथा आयोजन की फोटो विभाग को उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। छात्रावास अधीक्षक परीक्षा के साथ इन गतिविधियों के आदेश ने स्कूलों की मुसीबत बढ़ा दी है।
'राजस्थान शिक्षा परिषद के आदेश से लाखों शिक्षकों को रविवार के अवकाश में परेशानी उठानी पड़ेगी। अवकाश में इस तरह के कार्य₹म रखा जाना अनुचित है। यह कार्यक्रम 6 दिन में भी पूरे किए जा सकते थे। विभाग के अधिकारियों द्वारा अभी तक रविवार को विद्यालय खोलने के आदेश भी प्राप्त नहीं हुए हैं।' विपिन प्रकाश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष,राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ