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Rajasthan Teacher Transfer: डोटासरा के गढ़ में 80 फीसदी प्रिसिंपलों का ट्रांसफर, बोले- जान बूझकर प्रताड़ना

Rajasthan Teacher Transfer: विधानसभा व लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का किला बनकर उभरे सीकर की सरकारी स्कूलों की अब सियासी सर्जरी हो गई है।
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Sep 23, 2025
Govind Singh Dotasara and Madan Dilawar
फोटो- पत्रिका नेटवर्क

Rajasthan Teacher Transfer: विधानसभा व लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का किला बनकर उभरे सीकर की सरकारी स्कूलों की अब सियासी सर्जरी हो गई है। पिछले एक साल से यहां के जनप्रतिनिधियों की ओर से कांग्रेस राज में लगे प्रधानाचार्यों के तबादले की मांग उठाई जा रही थी। शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार रात चार हजार प्रधानाचार्यों की तबादला सूची जारी हुई है।

इसमें सीकर जिले के 200 से ज्यादा प्रधानाचार्यों के तबादले किए गए है। सबसे ज्यादा सियासी सर्जरी पूर्व शिक्षा मंत्री व पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के इलाके की स्कूलों में हुई है। यहां के 80 फीसदी प्रधानाचार्यों का बॉर्डर के जिलों में तबादला हुआ है। सूत्रों की माने तो यहां सिर्फ ऐसे प्रधानाचार्यों का ही तबादला नहीं हुआ जिनकी सेवा में या तो दो साल का समय बचा या वह दूसरे जिलों के मूल निवासी है।

जिले के प्रधानाचार्यों का तबादला बाड़मेर, सिरोही, जैसलमेर, नागौर, जालौर, बूंदी व बांरा हुआ है। शिक्षक संगठनों ने आरोप लगाया कि महिला व दिव्यांग कर्मचारियों के भी जान बूझकर तबादले दूसरे जिलों में किए गए है। दूसरी तरफ सीकर जिले के सैकड़ों स्कूलों में अभी भी प्रधानाचार्यों के सैकड़ों पद रिक्त है।

बिना डिजायर के जिले में पहुंचे

सीकर जिले में दूसरे जिलों से आने वाले कई प्रिसिंपलों के तबादले को लेकर कई तरह की चर्चाएं है। कई प्रिसिंपलों ऐसे भी जिले में आए है जिनके नाम विधायकों की डिजायर, शिक्षक संघ राष्ट्रीय सहित अन्य संगठनों की सूची में शामिल नहीं थे। इसके बाद भी उनके तबादले जिले की प्रमुख स्कूलों में हुए है। वहीं कई विधायकों के नजदीकी प्रिसिंपलों का तबादला भी जिले के दूसरे ब्लॉकों में होने पर भी कई तरह की चर्चाएं है।

पूर्व शिक्षामंत्री बोले- जान बूझकर प्रताड़ना

प्रिसिंपलों की तबादला सूची आने के बाद पूर्व शिक्षामंत्री व पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो तबादलों का प्रतिबंध का नाटक कर रही है। दूसरी तरफ प्रतिबंध के बाद भी चार हजार प्रिसिंपलों का तबादला बीच सत्र में कर दिया।

उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा व लोकसभा चुनावों में भाजपा को शेखावाटी में करारी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में सरकार ने यहां के प्रिसिंपलों से बदला लेने के लिए जान बूझकर तबादले किए है। यहां के प्रिसिंपलों को जाति के आधार पर टारगेट करते हुए बॉर्डर के जिलों में भेजा गया है। डोटासरा ने कहा कि आगामी चुनावों में यहां की जनता भाजपा को सबक सिखाएगी।

Updated on:
23 Sept 2025 01:14 pm
Published on:
23 Sept 2025 01:14 pm