
Rajasthan : सरकारी स्कूलों में रोजगार का प्रशिक्षण देने वाले व्यवसायिक प्रशिक्षकों (वीटी) की नियुक्ति के लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने नई बिड जारी की है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में कुल 2502 वीटी और 84 वोकेशनल कॉर्डिनेटर नियुक्त किए जाएंगे, जिन्हें 1500 रुपए की बढ़ोतरी सहित अब कुल 23 हजार 500 रुपए मासिक मानदेय मिलेगा। हालांकि उनकी नियुक्ति अब भी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए ही जुलाई 2026 से मार्च 2029 यानी 33 महीने के लिए होगी।
पड़ोसी राज्य हरियाणा में व्यवसायिक शिक्षकों को सरकारी सेवा में समायोजित करने के साथ उनका वेतन 36,500 रुपए तय किया गया है। वहीं दिल्ली में इनका वेतन बढ़ाकर 38,100 किया गया है। राजस्थान में ये शिक्षक हरियाणा मॉडल लागू करने की मांग कर रहे है, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी है। प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए लगे हजारों शिक्षकों का 10 से 14 महीने तक का वेतन बकाया चल रहा है। फिर प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए नियुक्ति को लेकर उनमें नाराजगी है।
बिड के मुताबिक, 1527 वर्तमान सरकारी स्कूलों में आईटी, हेल्थ, कृषि, ऑटोमोटिव, बैंकिंग एवं फाइनेंस, रिटेल, सिक्योरिटी और इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर सरीखे 16 ट्रेंड में 2248 वीटी और 75 वोकेशनल कॉर्डिनेटर नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा 209 सरकारी स्कूलों में 12 ट्रेंड में 254 नए वीटी और 9 वोकेशनल कॉर्डिनेटर नियुक्त किए जाएंगे।
प्रदेश में सैकड़ों प्रशिक्षकों का कार्यकाल 16 मई को पूरा हो चुका था। शेष का 30 जून को खत्म होने वाला था। पत्रिका ने शिक्षकों की बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद हरकत में आए स्कूल A शिक्षा परिषद ने बिड के जरिये इनकी आगे की नियुक्ति की राह खोल दी है।
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मनरेगा के तहत प्रदेशभर में संविदा पर कार्य कर रहे 3967 लेखा सहायक, कनिष्ठ तकनीकी सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर व ग्राम रोजगार सहायकों के लिए अच्छी खबर है। इन सभी को सरकार नियमित करने जा रही है। सिविल पोस्ट रूल्स 2022 के तहत स्क्रीनिंग करके इन्हें लाभ दिया जाएगा। मनरेगा (वीबी-जी राम-जी) के तहत हर जिले में लेखा सहायक, कनिष्ठ तकनीकी सहायकों से लेकर कई पदों पर संविदा के तहत भर्ती हुई थी। अलवर जिले में कनिष्ठ सहायक बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। इनका कार्य मनरेगा के कार्यों में लेबर बढ़ाना है। साथ ही तकनीकी सहायता देना है। इसके लिए मानदेय तय है।