Raju Thehat Murder Case: गैंगस्टर राजू ठेहट हत्याकांड में शामिल आरोपी सरजीत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। जज दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने आरोपी को सशर्त जमानत दी है।
Gangster Raju Thehat Murder Case: सीकर: राजस्थान के बहुचर्चित गैंगस्टर राजू ठेहट हत्याकांड में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। हत्याकांड में शामिल आरोपी सरजीत सिंह को देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।
बता दें कि जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने आरोपी को सशर्त जमानत देने का आदेश जारी किया है। गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपी की भूमिका को गंभीर मानते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे एडवोकेट नमित सक्सेना के अनुसार, सरजीत सिंह पर इस पूरी हत्या की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है। जांच में सामने आया था कि सरजीत ने गैंगस्टर रोहित गोदारा के इशारे पर काम किया था।
उसने हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर्स को मोबाइल फोन और अन्य संचार साधन उपलब्ध करवाए थे, ताकि वे आपस में और अपने आकाओं से संपर्क साध सकें। पुलिस ने हत्याकांड के महज 10 दिन बाद ही सरजीत को दबोच लिया था।
राजू ठेहट अपने घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान हरियाणा और राजस्थान के शूटर वहां पहुंचे। उन्होंने राजू ठेहट को झांसे में लेने के लिए सेल्फी लेने का बहाना बनाया। जैसे ही राजू उनके करीब आया, शूटर्स ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने लगभग 25 राउंड गोलियां दागीं, जिससे मौके पर ही राजू ठेहट की मौत हो गई। इस गोलीबारी की चपेट में आने से एक बेगुनाह नागरिक (ताराचंद कड़वासरा) की भी जान चली गई थी, जो अपनी बेटी का कॉलेज में एडमिशन करवाने सीकर आए थे।
राजू ठेहट की हत्या के पीछे राजस्थान और हरियाणा की कुख्यात गैंग्स का हाथ था। हत्या के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे रोहित गोदारा ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी।
घटना के बाद राजस्थान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे प्रदेश में नाकेबंदी की और कुछ ही दिनों में मुख्य शूटरों समेत साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में अब तक कई आरोपी जेल में हैं।
हालांकि, सरजीत सिंह को अब तकनीकी आधार और न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। लेकिन कोर्ट ने उन पर कड़ी शर्तें लागू की हैं, ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सके।