सीकर जिले में लगातार विकसित होते एज्युकेशन व धार्मिक कॉरिडोर के बीच अब सरकार ने यहां की कनेक्टिविटी को और बेहतर करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं।
सीकर। जिले में लगातार विकसित होते एज्युकेशन व धार्मिक कॉरिडोर के बीच अब सरकार ने यहां की कनेक्टिविटी को और बेहतर करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिला सड़क विकास नीति को लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर भावना शर्मा की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। बैठक के दौरान आगामी तीन से चार वर्षों में जिले में सड़कों के सुनियोजित विकास को लेकर चर्चा की गई। सभी विभागों ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिससे लोगों को सुगम, सुरक्षित एवं बेहतर सड़क मार्ग उपलब्ध कराए जा सकें।
बैठक में रींगस से खाटू , मंडा से खाटू , श्रीमाधोपुर–खंडेला मोड़ से खंडेला, नीमकाथाना–झीर की चौकी से चला व सीकर से पिपराली तक सड़क को चार लेन में विकसित किए जाने के प्रस्ताव रखे गए। वहीं कांवट से खंडेला मोड़ एवं खंडेला से गुरारा तक सड़क के नवीनीकरण, पिपराली चौराहे पर चार लेन आरओबी निर्माण पर भी चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त कटराथल से हरदयालपुरा, दादिया से तारपुरा, तारपुरा से गुंगारा सड़क के चौड़ीकरण, चला से भूरा टीबा होते हुए ढाणी गुमानसिंह कोटड़ी, हर्ष मोड़ से जीणमाता सड़क के चौड़ीकरण, खाटू से अलोदा-डूकिया सड़क के नवीनीकरण एवं चौड़ीकरण के प्रस्ताव रखे गए।
वहीं भराला मोड़ से टोडा गणेश्वर, नीमकाथाना–गणेश्वर चिपलाटा , कासली से चन्दपुरा वाया रामपुरा, पेवा से बोसाना–सरवड़ी–बिन्जासी सड़क निर्माण प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। बैठक में पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज बाटड़, पूर्व विधायक सीकर रतन लाल जलधारी सहित निर्माण एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।
राजस्थान पत्रिका ने जिले के नए सड़क मार्ग के प्रस्तावों को लेकर सात जनवरी के अंक में सबसे पहले खुलासा किया था। इसमें पिपराली चौराहे से पिपराली तक की सड़क के फोरलेन करने के प्रस्तावों का जिक्र किया था। गुरुवार को हुई जिलास्तरीय बैठक में इन सड़क मार्ग के प्रस्ताव रखे गए। वहीं पत्रिका ने पिछले साल खाटूश्यामजी में धार्मिक पर्यटन की चुनौतियों को लेकर विशेष पेज प्रकाशित किया था। इसमें खाटू जाने वाले प्रमुख रास्तों के फोरलेन करने का विजन सुझाया था।
जिला सड़क विकास नीति को लेकर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा की है। इसमें कई सड़कों के चौड़ाईकरण व नवीनीकरण के प्रस्तावों पर मंथन हुआ है। बेहतर कनेक्टीविटी होने से जिले के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। जिले में धार्मिक पर्यटन को देखते हुए सड़कों को फोरलेन करने पर मंथन हुआ है।