
Children advocating for education rights(photo-patrika)
सीकर। आरटीई के तहत कमजोर व वंचित वर्ग के बच्चों के निशुल्क प्रवेश में सरकारी छुट्टियां रोड़ा बन गई हैं। 20 फरवरी से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि 4 मार्च तय है, लेकिन 13 दिनों की इस अवधि में 7 दिन की छुट्टियों से अभिभावक प्रवेश के लिए जरूरी आधार कार्ड, जाति, मूल निवास व आय प्रमाण पत्र सरीखे दस्तावेज नहीं बनवा पाए। लिहाजा उन्होंने व निजी शिक्षण संस्थाओं ने आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग की है।
बच्चों का आरटीई में प्रवेश करवाने के इच्छुक अभिभावकों व निजी शिक्षण संस्थाओं ने शिक्षा विभाग से आवेदन
की तिथि बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि विभाग को कम से कम एक सप्ताह तिथि और बढ़ानी चाहिए।
20 फरवरी को शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया के बाद पहले 21 व 22 फरवरी को सरकारी दफ्तरों में साप्ताहिक अवकाश आ गया। इसके बाद 27 फरवरी को खाटूश्यामजी मेले के अवकाश के बाद 28 फरवरी व एक मार्च को फिर साप्ताहिक अवकाश और 2 व 3 मार्च को होली व धुलंडी की सरकारी छुट्टी हो गई। इस बीच प्रशासनिक अधिकारियों की खाटूश्यामजी मेले में लगी ड्यूटी से भी बच्चों व अभिभावकों के दस्तावेज बनाने में परेशानी आई।
मैं अपने बेटे का प्रवेश आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूल में करवाना चाहता हूं, लेकिन सरकारी छुट्टियों व अधिकारियों की खाटूश्यामजी मेले में ड्यूटी के चलते जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र तैयार नहीं करवा पाया हूं। विभाग को आवेदन की तिथि एक सप्ताह बढ़ानी चाहिए।
-प्रदीप कुमार, अभिभावक, सीकर
Updated on:
4 Mar 2026, 8:30 AM IST
Published on:
4 Mar 2026, 8:30 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.