
हवलदार गिरधारी लाल कुमावत। फोटो: पत्रिका
सीकर। राजस्थान के जवान की उत्तराखंड में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि क्रिकेट खेलते समय 1 मार्च को हवलदार गिरधारी लाल कुमावत के अचानक सीने में दर्द उठा था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे उत्तराखंड के रुड़की में तैनात थे।
उत्तराखंड के रुड़की में तैनात सीकर निवासी फौजी की क्रिकेट खेलते समय हार्टअटैक से मौत हो गई। मैच के दौरान सीने में तेज दर्द उठने पर बाइक से अस्पताल पहुंचे। इलाज शुरू होने से पहले ही मौत हो गई। जवान की मौत सूचना मिलते ही होली की खुशियां मातम में बदल गई। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सीकर जिले के गिगनपुरा-मगनपुरा (दांतारामगढ़) निवासी हवलदार गिरधारी लाल कुमावत की पार्थिव देह आज पैतृक गांव आएगी। जहां राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा। जानकारी के अनुसार जवान की पार्थिव देह मंगलवार सुबह करीब 11 बजे खाटूश्यामजी पहुंचेगी। वहां से तिरंगा यात्रा के साथ पार्थिव देह को गिगनपुरा-मगनपुरा लाया जाएगा। तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
भाई बनवारीलाल कुमावत ने बताया कि गिरधारी को रविवार शाम क्रिकेट खेलते वक्त हार्ट अटैक आया था। अचानक सीने में दर्द उठने के बाद वे खुद ही बाइक से अस्पताल पहुंच गए। लेकिन, उपचार शुरू होने से पहले उनका निधन हो गया।
गिरधारी लाल कुमावत वर्ष 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और आर्मी में क्लर्क हवलदार पद पर सेवाएं दे रहे थे। वे अपने पीछे पुत्र दिव्यांशु, पत्नी संगीता को छोड़ गए हैं। माता सोनी देवी और पिता मांगीलाल का पूर्व में ही निधन हो चुका है। गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
Updated on:
03 Mar 2026 11:15 am
Published on:
03 Mar 2026 10:27 am
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