Khatu Shyam Temple Area: श्यामनगरी में लगातार बढ़ती आस्था की कतार के बाद भी तंग गलियों के चौड़ाईकरण की फाइल लगातार उलझ रही है।
खाटूश्यामजी/सीकर। श्यामनगरी में लगातार बढ़ती आस्था की कतार के बाद भी तंग गलियों के चौड़ाईकरण की फाइल लगातार उलझ रही है। न्यायालय के आदेश के बाद भी प्रशासन तीन महीने से ज्यादा का समय निकलने के बाद भी राहें सुगम करने का रोडमैप तय नहीं कर सका है।
सीकर जिला प्रशासन व नगर पालिका की ओर से कई बार योजना बनाई गई, लेकिन हर बार योजना नियमों के पेंच में उलझ जाती है। दरअसल, हाईकोर्ट ने 16 जनवरी को आदेश दिया था कि जिन भवन मालिकों के पास वैध पट्टे या स्वामित्व दस्तावेज हैं, उन्हें सुनवाई का मौका देकर उचित मुआवजा या वैकल्पिक भूमि के साथ अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाए।
हाईकोर्ट ने 15 दिन में दस्तावेज लेने और 45 दिन में निर्णय की समय सीमा तय की थी। नगरपालिका ने 14 याचिकाकर्ताओं की सुनवाई भी कर ली। इसके बाद भी न अधिग्रहण हुआ, न मुआवजा तय हुआ और न निकासी मार्ग चौड़ा हुआ।
आठ अगस्त 2022 को मंदिर परिसर में मची भगदड़ में तीन महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने प्रवेश मार्ग को 40 फीट चौड़ा किया, लेकिन निकासी मार्ग पर केवल कानपुर वालों की प्राचीन धर्मशाला हटाकर कार्रवाई अधूरी छोड़ दी। 1 जनवरी 2024 को नववर्ष मेले में इसी नए निकासी मार्ग पर भारी भीड़ के चलते भगदड़ जैसे हालात बने। इस दौरान में 12 श्रद्धालु घायल हुए।
न्यायालय के आदेश का पूरा अध्ययन कर लिया है। इस मामले में जिला प्रशासन स्तर पर कार्रवाई चल रही है।
-मोनिका सामोर, उपखंड अधिकारी, दांतारामगढ
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन व एएजी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दे दी है। भूमि अवाप्ति के लिए अधिकारी नियुक्त करने के लिए भी पत्र लिखा है।
-ओमप्रकाश चौधरी, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका खाटूश्यामजी