
सीकर.
राजस्थान के सीकर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें मां को ही बेटे का वारिस बना दिया गया और यह कोई लगती नहीं हुई सब कुछ जानबूझकर किया गया है। जानकारी के अनुसार जिले के एक सरपंच ने वारिसनामा जारी करते समय जानबूझकर पत्नी की जगह मां का नाम दर्ज कर दिया। मामला मूंडवाडा ग्राम पंचायत से जुड़ा है। गलत वारिसनामा जारी होने के बाद मृतक की पत्नी ने जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारियों के समक्ष कई बार गुहार लगाई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में मामले की शिकायत लोकायुक्त को की गई। लोकायुक्त ने कलक्टर से 15 दिन में दोनो पक्षों के बयान और दस्तावेजों की जानकारी मांगी है।
यह है मामला
मामले के अनुसार निवासी पूर्ण सिंह की मौत एक जून 2016 में हो गई थी। सरपंच महावीर सिंह ने 1 दिसम्बर 2017 को मृतक पूर्णसिंह की पत्नी मनफूल कंवर की बजाए मां सायर कंवर को ही एकमात्र वारिस घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी मनफूल कंवर ने ग्राम पंचायत पर उसकी सम्पति को मिली भगत कर हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मनफूल कवंर ने बताया कि उसका नाम 2017 की वोटर लिस्ट में पत्नी के रूप में दर्ज है।
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इधर सरपंच बोले
पूर्ण सिंह की मौत होने के बाद महिला घूंघट में ग्राम पंचायत कार्यालय आई जहां उसने अपना नाम सायर कवंर बताया था। इस पर सायर कवंर के नाम वारिसनामा जारी कर दिया। बाद में इसकी जानकारी मिली तो पुराने वारिस नामे को निरस्त कर नया वारिसनामा मनफूल कंवर के नाम कर दिया और मृतक की जमीन का नामांतरण भी मनफूल के नाम है। - महावीर सिंह, सरपंच मूंडवाड़ा
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