सीकर

Khatushyamji Mela: खाटू में उमड़ा आस्था का महाकुंभ, 125 किलो चांदी के रथ पर नगर भ्रमण के लिए निकले बाबा श्याम

फाल्गुनी एकादशी पर खाटूश्यामजी मंदिर से बाबा श्याम चांदी के भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। करीब 350 साल पुरानी परंपरा के तहत निकली इस रथयात्रा में लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। नगर के प्रमुख मार्गों पर फूलों की वर्षा, गुलाल और भक्ति संगीत के बीच रथयात्रा आकर्षण का केंद्र रही।
2 min read
Feb 27, 2026
Khatu Shyam Ji Rath yatra
रथयात्रा में दर्शन करते श्रद्धालु। फोटो : पत्रिका

Khatu Shyam Ji Mela: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर में चल रहे फाल्गुन मेले के दौरान फाल्गुनी एकादशी पर बाबा श्याम भव्य चांदी के रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। करीब 350 साल से चली आ रही परंपरा के अनुसार इस दिन बाबा श्याम नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं।

इस बार यह रथ यात्रा सुबह 11:15 बजे मंदिर प्रांगण से शुरू हुई, रथयात्रा में बाबा श्याम नीले घोड़े पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे।

रथ यात्रा में उमड़ी भक्तों की भीड़

रथ मंदिर से रवाना होकर कबूतर चौक, हॉस्पिटल चौराहा सहित अन्य प्रमुख मार्गों से होकर वापस मंदिर पहुंचा। विशेष रूप से हॉस्पिटल चौराहे पर एंट्री-एग्जिट पॉइंट होने के कारण भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। रथ पर फूलों की वर्षा की गई, वहीं भक्तों ने गुलाल उड़ाते हुए चंग की धुन पर भक्ति भाव से नृत्य किया। यात्रा के दौरान रथ से चॉकलेट और फल वितरित किए गए, जिन्हें लेने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। रथ को खींचने के लिए भी भक्तों में होड़ लगी रही।

125 किलो चांदी से बना रथ

श्रीश्याम मंदिर कमेटी के पदाधिकारी और सेवक रथ पर मौजूद रहे। बाबा श्याम की सवारी के लिए तैयार किया गया भव्य रथ 125 किलो चांदी से बना है। इसका निर्माण पिछले वर्ष बीकानेर जिले के नोखा में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से किया गया था। रथ निर्माण में एक महीने से अधिक समय लगा और इसे विशेष रूप से इस तरह तैयार किया गया कि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

3 मार्च को नहीं होंगे बाबा के दर्शन

इस वर्ष फाल्गुन मेले की शुरुआत 21 फरवरी से हुई थी और इसका समापन 28 फरवरी को होगा। चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च को मंदिर में पूरे दिन दर्शन बंद रहेंगे। इसके अलावा 4 मार्च की रात 10 बजे से दर्शन बंद कर दिए जाएंगे और 5 मार्च को तिलक व विशेष सेवा-पूजा के बाद शाम 5 बजे पुनः श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे। फाल्गुनी एकादशी के अवसर पर निकली इस भव्य रथयात्रा ने खाटू नगरी को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया।

Updated on:
27 Feb 2026 01:49 pm
Published on:
27 Feb 2026 01:49 pm