
सीकर. भ्रूणलिंग परीक्षण के तार सीकर जिले में गहराई तक जड़े जमाए हुए है। यह खुलासा शुक्रवार को अवैध भ्रूणलिंग परीक्षण के गिरफ्तार आरोपित ने पूछताछ में किया है। पीसीपीएनडीटी सेल की ओर से की गई पूछताछ में गिरफ्तार आरोपित रवि सिंह ने बताया कि सीकर जिले में उसने एक दर्जन से ज्यादा एजेंट और सोनोग्राफी सेंटरों को अपने नेटवर्क से जोड़ रखा है।
कई बार गिरफ्त में आने के बाद उसने अपना ठिकाना बीकानेर में बना लिया और वहां दुग्ध डेयरी चलाने लगा। इस दौरान वह एजेंटों से सौदा तय होने के बाद सीकर, झुंझुनूं जिले में अलग-अलग जगह आकर पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से सोनोग्राफी करता था।
इसके बाद भ्रूणलिंग के बारे में बता देता था। गौरतलब है कि पीसीपीएनडी सेल ने बुधवार को आरोपित को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
हर माह 15 सोनोग्राफी
पीसीपीएनडीटी सेल के सीआई उमेश निठारवाल ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि चिड़ावा से बीए करने के बाद वह एक चिकित्सक के क्लिीनिक पर डेढ़ हजार रुपए प्रतिमाह के वेतन पर रहने लगा और मरहम पट्टी करने लगा।
इसके बाद उसने सिंघाना में खुद का क्लिीनिक खोला वह सर्दी जुकाम की दवा देना लगा। इस दौरान वह अवैध सोनोग्राफी के धंधे में जुड़ गया और उसने दिल्ली से एक मशीन लाकर सोनोग्राफी करनी शुरू कर दी।
प्रत्येक सोनोग्राफी के लिए 40 से 50 हजार रुपए लेता था साथ ही माह में 15 से 18 सोनोग्राफी करता था। मोटी कमाई को देखते हुए उसने अपना नेटवर्क प्रदेश सहित पड़ौसी राज्यों में बना लिया।
जहां से एजेंट ही खुद उससे संपर्क करते और प्रसूता को लेकर आते थे। अवैध सोनोग्राफी करने की मशीनों को झुंझुनूं जिले में रहने वाले एक चिकित्सक यूपी से लाते थे।