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गलत काम करने वाली इस महिला को रंगे हाथ पकड़ने के लिए टीम ने अपनाया ये तरीका

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Sikar ANM Saroj Devi Arrested by PCPNDT cell

Sikar ANM Saroj Devi Arrested by PCPNDT cell

सीकर. तीन दर्जन सरकारी नर्सिंग कर्मियों से संपर्क रखने वाली सीकर की एएनएम सरोज देवी ने पहले दो बार भू्रणलिंग परीक्षण किया था। इसके बाद जब पीसीपीएनडीटी की टीम को विश्वास पुख्ता हो गया तो तीसरी बार ***** परीक्षण के दौरान आरोपी एएनएम को 15 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया था।


इससे पहले टीम एएनएम की सास को रंगे हाथों पकडऩे की फिराक में थी। लेकिन, उसने अपने आप को व्यस्त बताकर वह बच गई। हालांकि एएनएम सहित ***** परीक्षण के तीनों आरोपी 30 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में हैं। जिनकी कॉल डिटेल निकालकर इस घिनौने कारोबार से जुड़े बाकी लोगों तक पहुंचने का प्रयास भी टीम का जारी है।

कुंआरा होने की दुहाई

गिरफ्त में आने के बाद ***** परीक्षण का तीसरा आरोपी सीताराम पीसीपीएनडीटी टीम के सामने गिड़गिड़ाया भी था। कुंआरे होने की दुहाई देकर बदनामी के डर से शादी नहीं होने की बात कही। लेकिन, सामने आया कि परीक्षण से मोटी कमाई होने पर सीताराम भी प्रोर्टेबल मशीन खरीद लाया है। जिसके जरिए वह अपने परिचित दो कंपाउंडर व चिकित्सक द्वारा ***** जांच करवाने का कार्य करवाता है।

कारोबार में आने के बाद हुई कमाई से अपना विवाह करने की योजना बना रखी थी। अवैध ***** जांच करने में उसने अपने दोस्त व रिश्तेदारों को भी जोड़ रखा था। जिनके माध्यम से करीब दो दर्जन गर्भवती महिलाओं की ***** जांच करवा चुका था। लड़की होने पर निजी अस्पतालों में गर्भपात की बात भी उसने टीम के सामने स्वीकारी है।

दस साल से था इस काम में

टीम के सदस्य के अनुसार डिकोय ऑपरेशन का मुख्य आरोपी निर्मल महला ने अवैध सोनोग्राफी मशीन से ***** जांच कर बड़ी संपति खड़ी की। अवैध कमाई से होटल खोला और संतान को एमबीबीएस की पढ़ाई विदेश से करवाई।

जांच में आरोपी ने बताया कि 1996 में सरकारी कंपाउंडर की नौकरी लगने के बाद 2008 से ***** जांच का कार्य पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटरों पर करवाना शुरू कर दिया था। 2015 के बाद झोलाछाप चिकित्सक हरफूल के संपर्क में आया और खुद की सोनोग्राफी मशीन खरीदकर ***** जांच में जुट गया था।

इनका कहना है...

दो बार ***** परीक्षण करवाने के बाद एएनएम को जब बोगस ग्राहक पर विश्वास हो गया था। इसके बाद तीसरे परीक्षण के दौरान वह पीसीपीएनडीटी की टीम के धक्के चढ़ गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
-राजन चौधरी, टीम के सदस्य (सामाजिक कार्यकर्ता)