
सीकर। गांवों की सरकार के चुनाव में मजबूत प्रदर्शन के लिए भाजपा ने नगर निकाय चुनाव की गलतियों से सीख ली है। सीकर भाजपा की गुटबाजी का मामला जयपुर में हुई आलाकमान के साथ विशेष बैठक में भी जमकर चर्चा में रहा।
चुनाव में अगुवाई को लेकर दो दिन से चल रही अंदरखाने की सियासत के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, संगठन महामंत्री अजेय कुमार व महामंत्री श्रवण बगड़ी ने जिले के वरिष्ठ नेताओं से संवाद किया।
इस दौरान जिले के कई भाजपा नेताओं की ओर से नगर पालिका चुनाव में हार के कारणों के बारे में बताने लगे। इस पर आलाकमान ने दो टूक कहा कि हार पर सफाई नहीं अब पंचायतीराज चुनाव में जीत का रोडमैप बताओ।
सीएम व संगठन महामंत्री ने कहा कि सभी नेताओं को एकजुट होकर चुनाव लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक एकजुट नहीं होंगे तब तक सभी पंचायत समितियों को जीतना मुश्किल है। सीएम ने सभी विधायक व विधानसभा प्रत्याशियों से उनके क्षेत्र की पंचायत समितियों के बारे में जानकारी ली।
बैठक में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, सैनिक कल्याण सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर, धोद विधायक गोरधन वर्मा, खंडेला विधायक सुभाष मील, पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, यूआइटी के पूर्व अध्यक्ष हरिराम रणवां, जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, गजानंद कुमावत, श्रवण चौधरी व मधुसूदन भिण्डा आदि मौजूद रहे।
भाजपा में पिछले कई महीने से अंदरखाने में गुटबाजी का दौर चल रहा है। पिछले दिनों एक वरिष्ठ नेता के पंचायत चुनाव के सर्वे के लिए अपने स्तर पर टीमें बनाने से सियासी विवाद शुरू हो गया। इस मामले से भाजपा में टिकट वितरण से पहले माहौल गर्मा गया। बैठक में संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि आपस में तालमेल ठीक होने पर ही कांग्रेस को शेखावाटी में चित्त कर सकेंगे।
बैठक में नगर निकाय चुनाव को लेकर भी थोड़ी चर्चा हुई। इस दौरान एक नगर निकाय में संगठन की मुहर के बाद भी सिम्बल बदलने का मामला भी चर्चा में रहा। हालांकि बाद सीएम व संगठन महामंत्री ने कहा कि सभी को अपने क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए सभी को साथ लेकर चलना होगा।
संगठन पूरी एकजुट है। चुनाव में बूथ कार्यकर्ता से लेकर सभी पदाधिकारी दिन-रात जुटे है। टिकट वितरण में जिले के सभी वरिष्ठ नेताओं की राय भी ली जाएगी। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है। यहां कोई भी फैसला व्यक्तिगत नहीं होता है। पंचायत चुनाव में भाजपा एकजुटता के दम पर शेखावाटी में जीत का नया रेकॉर्ड बनाएंगी।