
नीमकाथाना. एक प्रसूता अपनी पीड़ा से उभर भी नहीं पाई थी कि प्रसव के महज 6 घंटे बाद ही बीएड की परीक्षा देने के लिए परीक्षा केन्द्र पहुंच गई। ऐसी स्थिति को देख केन्द्र पर कॉलेज प्रशासन एक बार तो अचंंभित हो गया।
मामला राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना शहर के एसएनकेपी राजकीय महाविद्यालय का है। यहां अपराह्न तीन बजे शुरूहुई बीएड द्वितीय वर्ष की परीक्षा देने के लिए नीमकाथाना शहर निवासी प्रसूता परीक्षार्थी सीमा सैनी पत्नी उम्मेद कुमार अस्पताल से सीधे अपने नवजात बच्चे को लेकर कॉलेज केन्द्र पर पहुंच गई।
इस हालत में कॉलेज प्रशासन ने परीक्षार्थी के नवजात बच्चे की देखभाल के लिए परीक्षा हॉल के पास दूसरे हॉल में परिजनों को बैठा दिया। प्राचार्य अशोक मीणा ने प्रसूता की प्रशंसा करते हुए उनके जुनून को देखकर कॉलेज में उनकी देखभाल के लिए पूरी व्यवस्था करवा रखी है।
दो अन्य प्रसूताएं भी दे रही परीक्षा
बीएड द्वितीय वर्ष की चल रही परीक्षा के दौरान शनिवार को दो अन्य प्रसूताएं भी अपने नवजात बच्चों को लेकर परीक्षा केन्द्र पहुंची। जिनमें गावं गांवड़ी निवासी परीक्षार्थी प्रसूता श्योपाली देवी पत्नी रामसिंह के 24 मई को ऑपरेशन से लड़का हुआ था।
फिर भी पढ़ाई का जुनून इतना कि हर पेपर देने के लिए रोज केन्द्र पर पहुंच रही है। इसके अलावा नीमकाथाना शहर निवासी दीपिका कंवर ने 14 जून को एक बच्ची को जन्म दिया। वह भी परीक्षा देने के नवजात बच्ची को साथ लेकर रोज सेंटर पहुंच रही है।
बाहर भी छोटे मासूमों को खिला रहे थे परिजन
कॉलेज सेंटर के बाहर आधा दर्जन से ज्यादा कई छोटे-छोटे मासूमों को उनके पिता तो कई को उनकी दादी खिला रही थी। महिलाओं में पढ़ाई का इतना जुनून है कि हिम्मत जुटा कर अपने मासूम बच्चों को परिजनों के पास तीन घंटे तक छोड़कर पढ़ाई के लिए पूरा संघर्ष कर रही है।