सीकर

शेखावाटी में इस बार ओला, खर्रा जैसे दिग्गजों के बिना बिछेगी सियासी बिसात

Rajasthan Election 2018 : राजस्थान चुनाव 2013 तक शीशराम ओला, हरलाल सिंह खर्रा, भंवरु खान और बनवारीलाल जैसे दिग्गज रखते थे दबदबा
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Nov 23, 2018
Rajasthan election 2018
Sis ram Ola, Harlal singh kharra was Big leader in Shekhawati politic

फतेहपुर/ सीकर. शेखावाटी में Rajasthan Election 2018 में कई दिग्गजों की कमी खलेगी। पिछले चुनावों में भले ही इन दिग्गजों ने चुनाव अपने हाथ मे रखा हो लेकिन इस बार इनके परिजनों को संघर्ष करना पड़ रहा हैं। शीशराम ओला जिनके नाम से शेखावाटी में कांग्रेस को जाना जाता था। भंवरु खान जो अल्पसंख्यकों में सबसे बड़ा चेहरा माना जाता था, हरलाल सिंह खर्रा जो चाहे जनसंघ हो या फिर भाजपा सबसे पुराने कार्यकर्ता थे और बनवारीलाल भिंडा जो अपनी दबंग छवि की वजह से जाने जाते थे।


शेखावाटी के यह चार ऐसे बड़े नेता थे जो हर चुनाव को मु_ी में रखते थे। बागियों को मनाने की बात हो या फिर पुरानी कार्यकर्ताओं को जोडऩे की हर जगह इनके बिना मौजूदा नेताओं का काम मुश्किल हो रहा है। पिछले चुनाव में यह चारों नेता मौजूद थे लेकिन इस बार यह दुनिया में नहीं है।


शीशराम ओला
30 जुलाई 1927 को झुंझुनू के अरडावता गांव में जन्मे शीशराम ओला शेखावाटी के कद्दावर नेता थे। ओला अपने जीवन में लोकसभा और विधानसभा से लेकर सरपंच का चुनाव लड़े लेकिन एक भी चुनाव नहीं हारे। 1957 से 1996 तक वे राजस्थान विधानसभा में विधायक रहे इस इस दौरान में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 1996 से 2013 तक लगातार झुंझुनू से सांसद रहे। 15 दिसंबर 2013 को 86 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। इस बार के चुनाव में शेखावाटी में शीश राम ओला की कमी साफ देखी जा सकती है।


हरलाल सिंह खर्रा

1930 को श्रीमाधोपुर में जन्मे हरलाल सिंह खर्रा सीकर जिले में जनसंघ और भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ता और नेता थे। चार बार विधायक और प्रदेश में मंत्री रहे। 2013 के चुनाव में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ कर अपने बेटे झाबर सिंह को चुनाव लड़वाया था। लेकिन अब वे इस दुनिया में नहीं है।


भंवरु खान
शेखावाटी में अल्पसंख्यकों में बढ़ा चेहरा थे। सरपंच के चुनाव से राजनीति शुरू की और इसके बाद लगातार तीन बार सीकर जिले के फतेहपुर सीट से विधायक बने। पूरे शेखावाटी में शीशराम ओला के सबसे करीबी थे। 2013 का चुनाव खुद ने ही फतेहपुर सीट से लड़ा था लेकिन हार गए। चुनाव से करीब 1 साल बाद उनका निधन हो गया।


बनवारीलाल भिंडा
शेखावाटी के दबंग नेताओं की बात की जाए तो बनवारीलाल भिंडा का नाम सबसे ऊपर आता है। जनसंघ के समय से ही भाजपा से जुड़े रहे। नगर पालिका अध्यक्ष और इसके बाद फतेहपुर से विधायक रहे। 2013 में इन्होंने भी अपने बेटे को भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ गया था और पूरा मैनेजमेंट खुद ने संभाला था लेकिन इस बार यह भी दुनिया में नहीं है। इस बार उनके बेटे को पार्टी ने टिकट भी नही दिया।

Published on:
23 Nov 2018 12:51 pm