
सीकर. क्रांतिकारी संत जैन मुनि तरुण सागर का देवलोकगमन हो गया। 51 वर्षीय तरुण सागर ने शनिवार तडक़े दिल्ली में अंतिम सांस ली। कड़वे प्रवचन के लिए विश्व प्रसिद्ध तरुण सागर का राजस्थान के सीकर से भी काफी जुड़ाव रहा है। यहां उन्होंने एक अनूठा विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जिसे सीकर कभी नहीं भूल पाएगा।
जानिए तरुण सागर का रिकॉर्ड
-6 अगस्त 2017 को सीकर में तरुण सागर के कड़वे प्रवचन भाग संख्या नौ की 51 फीट ऊंची पुस्तक का विमोचन किया गया।
-जीवन जीने की कला सिखाने वाली इस पुस्तक का वजन 31 क्विंटल था। इससे विश्व सबसे ऊंची पुस्तक माना जाता है।
- पुस्तक का विमोचन सीकर के रामलीला मैदान में दुनिया की सबसे छोटी महिला ज्योति आमगे ने किया था।
-150 किलो से अधिक स्याही से छपी इस पुस्तक को लोहे के एंगल पर नासिक की विशेष टीम ने तैयार किया।
-सीकर में तरुण सागर की पुस्तक के विमोचन पर इसके दस पेज खोले गए थे, जो शीशे की तरह खुलते रहे।
-हर एक पन्ने पर कड़वे प्रवचनों की शब्दावली को उकेरा हुआ था। भव्य नजारा देखकर मौके पर जमा लोगों ने भी आयोजन को जमकर सराहा।
-सीकर के बाद 20 अगस्त 2017 को इस पुस्तक का देशभर में विमोचन किया गया था।
- इससे पहले जैन मुनि की पुस्तक कड़वे प्रवचन भाग संख्या सात भी लिम्का बुक में दर्ज है।
-कड़वे प्रवचनों की पुस्तक भाग संख्या आठ भी अब-तक दुनिया की सबसे बड़ी पुस्तक होने के कारण गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज है।
-पुस्तक का विमोचन करने वाली ज्योति आमगे का वजन साढ़े पांच किलो है।
-नागपुर की रहने वाली 24 इंच की ज्योति एक दिन में एक चपाती व थोड़ा सा चावल खाती हैं।
तरुण सागर की जीवनी