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प्रियंका मौत मामला: 21 लाख रुपए का मुआवजे और फास्ट ट्रैक सुनवाई पर बनी सहमति, 21 घंटे बाद खत्म हुआ धरना

धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में गर्भवती महिला प्रियंका कंवर पर हुए जानलेवा हमले और इलाज के दौरान उनकी मौत के बाद न्याय व मुआवजे की मांग को लेकर धोद थाने के बाहर चल रहा धरना करीब 21 घंटे बाद समाप्त हो गया।
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सीकर

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Anil Prajapat

Aug 02, 2026

Priyanka death case

धरने के दौरान मौजूद ​लोग व इनसेट में मृतका प्रियंका। फोटो: पत्रिका

सीकर। धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में गर्भवती महिला प्रियंका कंवर पर हुए जानलेवा हमले और इलाज के दौरान उनकी मौत के बाद न्याय व मुआवजे की मांग को लेकर धोद थाने के बाहर चल रहा धरना करीब 21 घंटे बाद समाप्त हो गया। एसडीम राहुल कुमार मल्होत्रा, ग्रामीणों सीओ राजेश ढाका व जनप्रतिनिधियों और धरना प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद विभिन्न मांगों पर सहमति बनी। इस दौरान पीड़ित परिवार को कुल 21 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने, मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने तथा निष्पक्ष व त्वरित जांच कराने पर सहमति बनी। अंततः सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हो गया।

समझौते के तहत कुल 21 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की गई। इसमें 11 लाख रुपए धोद विधायक द्वारा राजस्थान सरकार से या स्वयं से मुआवजा दिलाने तथा 10 लाख रुपए समाज व जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए जाएंगे। साथ ही मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने और पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी सहमति बनी। वहीं, एडवोकेट हनुमान सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार की अधिवक्ताओं की ओर से निशुल्क पैरवी की जाएगी। सरस्वती स्कूल धोद की ओर से बच्चे की 12वीं तक निशुल्क पढ़ाई व हॉस्टल की सुविधा दी जाएगी।

धोद एसडीएम राहुल मल्होत्रा ने बताया कि पुलिस निष्पक्ष एवं त्वरित अनुसंधान करेगी, ताकि आरोपी को जल्द सजा मिल सके। प्रशासन की पात्रता वाली सभी योजनाओं का लाभ भी पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराया जाएगा। धरना समाप्त के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान प्रर्दशन में धोद विधायक गोरधन वर्मा, पूर्व विधायक पेमाराम, कांग्रेस नेता जगदीश दानोदिया, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, डॉ. बलवंत सिंह चिराना, पूर्व पार्षद संपत सिंह, हनुमान सिंह पालवास, निवर्तमान धोद चेयरमैन अमर सिंह कर्णावत, सरवड़ी निवर्तमान सरपंच रामस्वरूप भाकर, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष निकिता राठौड़, किशन सिंह चौहान, पूर्व उप जिला प्रमुख शोभसिंह अनोखू, विक्रम सिंह नेतड़वास, शिवराज सिंह, ओमप्रकाश बिजारणिया, पेवा निवर्तमान सरपंच चुन्नीलाल ज्याणी, सरपंच लक्ष्मण सिंह, विजेंद्र सिंह अनोखु, भाजपा ओबीसी मोर्चा पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश शेखावत, नरेंद्र सिंह सोलंकी, विजेंद्र सिंह रावणा, उत्तम सिंह शक्तावत, रघुवीर सिंह नेतडवास, रणजीत सिंह सिहोट सहित सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे।

भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक

पीड़िता को न्याय की मांग को लेकर जारी धरने के दौरान एक समय माहौल गरमा गया, जब मौके पर मौजूद भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। भाजपा नेताओं दारा विधायक गोरधन वर्मा के प्रयास को बार बार बताने पर कांग्रेस नेता सरवड़ी सरपंच रामस्वरूप भाकर ने भाजपा नेताओं को जमकर खरी खोटी सुनाई। उसके बाद ओमप्रकाश बिजारणियां ने पलट के जवाब दिया। इसी दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गया। मामले को गरमा देख भाजपा नेता मूलचन्द रणवा ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करवया। राजनेताओं का ये व्यवहार बेटी के लिए न्याय की मांग करने धरने पर बैठा बेबस पिता ओर जनता देखती रही।

घर में मचा कोहराम

प्रियंका का शव ससुराल पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। सभी की आंखे नम हो गई। प्रियंका की मौत परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे शोक और आक्रोश में डाल गई है। जिस घर में कुछ ही महीनों बाद नए जीवन की किलकारी गूंजने की उम्मीद थी, वहां अब पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। छह माह की गर्भवती प्रियंका पर हुए हमले ने एक ही परिवार से दो जिंदगियां छीन लीं। पहले गर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु हुई और कुछ दिनों बाद उपचार के दौरान प्रियंका ने भी दम तोड़ दिया। पीछे रह गया उसका तीन वर्षीय पुत्र, जिसे अभी यह भी पूरी तरह समझ नहीं है कि उसकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी।

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