इधर, प्रियंका की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण धोद थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने मामले की डीएसपी स्तर से जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, दोहरे हत्याकांड की धाराएं जोडऩे, विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने, पीडि़त परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता, मासूम बच्चे के पालन-पोषण के लिए अलग से सहायता तथा आरोपी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई सहित 11 सूत्रीय मांगें प्रशासन के सामने रखीं। मृतका के पिता का आरोप है कि आरोपी सुरेश सैनी घटना से एक दिन पहले ही अपना मोबाइल बंद कर चुका था और गांव से धारदार चाकू लेकर आया था।