
Sikar Crime: प्रदर्शन स्थल पर खड़ी महिलाएं (फोटो-पत्रिका)
सीकर। जिले के धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में छह माह की गर्भवती महिला पर घर में घुसकर धारदार हथियार से किए गए जानलेवा हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में महिला-पुरुष धोद थाने के बाहर एकत्र हुए और सीकर-लोसल मार्ग पर बैठकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी भी पहुंचे तथा लोगों से समझाइश का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार सरवड़ी निवासी 25 वर्षीय प्रियंका करीब तीन महीने पहले डिलीवरी के लिए अपने पीहर आई थी। वह छह माह की गर्भवती है और उसका पति महाराष्ट्र में फर्नीचर का काम करता है। मंगलवार दोपहर प्रियंका अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ घर में थी। इसी दौरान गांव का ही रहने वाला सुरेश सैनी कथित रूप से घर में घुसा और धारदार हथियार से उसके गले पर हमला कर दिया। बचाव करने पर महिला के हाथ, गाल और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी वार किए गए।
घटना के करीब दस मिनट बाद प्रियंका के पिता प्रहलाद सिंह घर पहुंचे तो बेटी खून से लथपथ हालत में मिली। घायल महिला ने पिता को बताया कि सुरेश सैनी ने अचानक उस पर हमला कर दिया। परिजन तुरंत उसे पहले लोसल अस्पताल और फिर सीकर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे आईसीयू में भर्ती किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर बुधवार को जयपुर रेफर कर दिया गया।
घायल महिला के भाई प्रेम सिंह ने बताया कि प्रियंका अब भी बेहोश है और कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान चढ़ाया गया खून भी लगातार बह रहा है। महिला के बयान नहीं हो पाने के कारण हमले की वजह भी अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। वहीं घटना के समय मौजूद तीन वर्षीय मासूम भी बार-बार यही कह रहा है कि एक युवक आया और उसकी मां पर चाकू से हमला कर भाग गया।
घटना के बाद से आरोपी सुरेश सैनी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश देने की बात कह रही है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। इससे नाराज ग्रामीण मंगलवार रात से ही थाने के बाहर जुटने लगे थे। बुधवार सुबह उन्होंने सीकर-लोसल सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
धरना स्थल पर मंजीत पाल सिंह सांवराद और उम्मेद सिंह करीरी सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे और ग्रामीणों का समर्थन किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Updated on:
29 Jul 2026 05:46 pm
Published on:
29 Jul 2026 05:41 pm
