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‘काश! सोनोग्राफी हो जाती’: सीकर में गर्भवती पर हमले की दर्दभरी दास्तां, मां महफूज…गर्भ में पल रहे 6 महीने के बच्चे की मौत

सीकर के धोद थाना क्षेत्र स्थित सरवड़ी गांव में एक गर्भवती महिला पर हुए जानलेवा हमले के बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल में डॉक्टरों ने उसके छह महीने के भ्रूण को मृत घोषित कर दिया। पीड़िता का गंभीर हालत में इलाज जारी है। घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने धोद थाने के बाहर धरना दिया।
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सीकर

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Arvind Rao

Jul 30, 2026

Sikar Pregnant Woman Attack

अस्पताल में भर्ती प्रियंका का इलाज जारी (पत्रिका फोटो)

धोद/सीकर: धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में गर्भवती महिला पर हुए जानलेवा हमले ने एक अजन्मे बच्चे की जान ले ली। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने छह महीने के भ्रूण को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल महिला का उपचार जारी है।

इधर, पुलिस की लगातार घेराबंदी और दबिश के दबाव में आरोपी सुरेश सैनी ने वारदात के करीब 29 घंटे बाद धोद सीओ कार्यालय पहुंचकर सरेंडर कर दिया। इसके बाद 22 घंटे से चल रहा ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए धोद डिप्टी राजेश ढाका, एसडीएम राहुल मल्होत्रा और तहसीलदार भरतदान धरना स्थल पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों से वार्ता की। अधिकारियों ने शाम 5 बजे तक आरोपी को पकड़ने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सड़क जाम खोल दिया गया, जबकि धरना थाने के बाहर जारी रहा।

धरना स्थल पर धोद विधायक गोरधन वर्मा, मंजीतपाल सिंह सांवराद, उम्मेद सिंह करीरी पहुंचे और आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि जब तक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे परिजनों के साथ खड़े रहेंगे। वहीं, धोद विधायक गोरधन वर्मा ने कल्याण हॉस्पिटल पहुंचकर डॉक्टरों की टीम से जानकारी लेकर पीड़िता को जयपुर रेफर करवाया। बाद में विधायक वर्मा धरना स्थल पर पहुंचे और परिजनों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

पुलिस की घेराबंदी से टूटा आरोपी का हौसला

वारदात के बाद आरोपी बाइक लेकर फरार हो गया और लगातार ठिकाने बदलता रहा। पुलिस ने जिलेभर में उसकी तलाश शुरू करते हुए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। आठ अलग-अलग टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लगातार बढ़ते दबाव के बीच आरोपी बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे स्वयं धोद सीओ कार्यालय पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, सरवड़ी निवासी 25 वर्षीय प्रियंका करीब तीन महीने पहले डिलीवरी के लिए अपने पीहर आई थी। वह छह महीने की गर्भवती थी और उसका पति महाराष्ट्र में फर्नीचर का काम करता है। मंगलवार दोपहर प्रियंका अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ घर में थी। इसी दौरान गांव का ही रहने वाला सुरेश सैनी घर में घुसा और धारदार हथियार से उसके गले पर हमला कर दिया। बचाव करने पर महिला के हाथ, गाल और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी वार किए।

घटना के करीब दस मिनट बाद प्रियंका के पिता प्रहलाद सिंह घर पहुंचे तो बेटी खून से लथपथ हालत में मिली। घायल महिला ने पिता को बताया कि सुरेश सैनी ने अचानक उस पर हमला कर दिया। परिजन तुरंत उसे पहले लोसल अस्पताल और फिर सीकर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे आईसीयू में भर्ती किया था।

'मैं मरने वाली हूं…'

पिता प्रहलाद सिंह ने बताया कि बेटी प्रियंका को जब वे एंबुलेंस में लेकर आ रहे थे तो वह बोल रही थी कि मैं मरने वाली हूं, मुझे पानी पिला दो। अपने तीन साल के मासूम बेटे के बारे में भी पूछती रही। प्रियंका का एक 3 साल का बेटा है, जो घटना के समय मौके पर मौजूद था। बच्चा एसके हॉस्पिटल में अपनी मौसी लिछमा कंवर व बड़ी नानी के पास बैठा था और बार-बार दोहरा रहा था कि एक छोरा आया और उसने मां को थप्पड़ मारी और फिर चाकू से मां का गला काट दिया। इसके बाद छोरा वहां से भाग गया।

बहुत ज्यादा खून बहा

प्रियंका का पूरा शरीर और कपड़ा खून से लथपथ था। उसे लोसल सीएचसी से कल्याण हॉस्पिटल तक एंबुलेंस से लाने के दौरान उसका काफी खून बह गया। उसके गले में लगी गौज की सफेद पट्टियां खून से लथपथ हो गई और खून जम गया था।

पोर्टेबल सोनोग्राफी नहीं मिली, शिशु नहीं बच सका

जयपुर रेफर की गई घायल प्रियंका के गर्भ में पल रहे छह महीने के बच्चे को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, महिला के गले पर गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण भ्रूण को नहीं बचाया जा सका। एसएमएस अस्पताल में महिला का उपचार जारी है।

कल्याण अस्पताल में भर्ती महिला के लिए तत्काल सोनोग्राफी कराने की सलाह दी थी। लेकिन अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। गंभीर हालत में मरीज को जयपुर रेफर करना पड़ा। महिला को एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से चिकित्सकों की टीम के साथ भेजा गया। घटना ने एक बार फिर जिला अस्पताल में पोर्टेबल सोनोग्राफी जैसी आवश्यक सुविधा के अभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।