नीट (यूजी) 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद विद्यार्थी फिर से सीकर पहुंचने लगे हैं। कोचिंग संस्थानों ने भी पुराने विद्यार्थियों के लिए टेस्ट सीरीज, डाउट काउंटर और विशेष डाउट क्लासेज शुरू कर दी हैं, ताकि कम समय में उनकी तैयारी को दोबारा रफ्तार दी जा सके।
सीकर। नीट (यूजी) 2026 की 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा में सीकर जिले के 102 परीक्षा केंद्रों पर 29979 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 29600 परीक्षार्थी एग्जाम में बैठे थे और 379 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे थे। नीट रद्द होने के चलते इन छात्र-छात्राओं ने फिर से 'मिनी कोटा' कहे जाने वाले सीकर का रुख कर लिया है। कोचिंग संस्थानों ने पुराने विद्यार्थियों के लिए टेस्ट सीरीज , डाउट काउंटर व डाउट क्लासेज शुरू कर दी है।
वहीं सेल्फ स्टडी के लिए अपने स्कूल्स की लाइब्रेरी खाली करवा ली है। शहर में खाली पड़ी लाइब्रेरियां भी फुल हो गई है। हालांकि विद्यार्थियों को इसके लिए लाइब्रेरी व हॉस्टल्स का अधिक चार्ज देना पड़ रहा है। दूर दराज के जिलों व अन्य राज्यों के बच्चों को भी अभिभावक सीकर उनके पुराने हॉस्टल्स में छोड़ गए हैं। हालांकि कोचिंग्स के हॉस्टल व शहर में पिपराली रोड, नवलगढ़ रोड, राधाकिशनपुरा, घोराणा की ढाणी, संजय रेस्टोरेंट के साथ ही शहर के अन्य क्षेत्रों के हॉस्टलों में बच्चों को सीटें खाली नहीं मिल रही है।
दरअसल इस बार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान अजमेर, सीबीएई व सीआइएससीई का 10वीं बोर्ड का रिजल्ट अन्य वर्षों की तुलना में जल्दी आ गए। ऐसे में शहर के सभी हॉस्टल्स में अप्रेल माह में ही सीटें फुल हो गई हैं। ऐसे में अब कोचिंग संचालक व हॉस्टल संचालक अपने यहां नीट की तैयारी कर गए बच्चों को उन्हीं हॉस्टल में एडजस्ट कर रहे हैं।
कोचिंग संस्थानों हॉस्टल्स संचालकों ने नीट रद्द होते ही दोबारा से करीब डेढ़ महीने के लिए रहने आने वाले अपने-अपने बच्चों के लिए खाली पड़ी बिल्डिंग, हॉस्टल किराए पर लिए हैं। वहीं छोटे हॉस्टल संचालकों ने अपने हॉस्टल के स्टोर रूम, स्टाफ रूम व को खाली कर बच्चों को एडजस्ट कर रहे हैं। वहीं सिंगल रूम में दो विद्यार्थियों को एडजस्ट कर रहे हैं।
नीट (यूजी) -2026 पेपर लीक मामला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। चंद लोगों के लालच की कीमत उन हज़ारों ईमानदार विद्यार्थियों को चुकानी पड़ रही है, जो यहां अपने सपनों को सींचने आते हैं। इस कठिन समय में जो बच्चे डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं, उन्हें यह समझना होगा कि आपकी योग्यता और कड़ी मेहनत को कोई लीक नहीं कर सकता। यह परीक्षा उनकी काबिलियत का अंत नहीं बल्कि धैर्य की एक और परीक्षा है।
अंतिम समय में तनाव कम करने के लिए नई किताबों के बजाय अपने एनसीइआरटी रिवीजन, शॉर्ट नोट्स मॉक टेस्ट पर भरोसा रखें और सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें। अपनी नींद और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखें, क्योंकि एक शांत दिमाग ही बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। सीकर के विद्यार्थियों की असली पहचान उनका संघर्ष और ईमानदारी है, इसलिए पूरी सकारात्मकता के साथ अपनी "री-रीडिंग" में जुट जाएं-सफलता आपकी मेहनत की ही मोहताज होगी।