
सिंगरौली. शासकीय स्कूलों में उच्च कोटि की प्रयोगशाला नहीं है। ज्यादातर स्कूलों में प्रयोगशाला कक्ष तो है, लेकिन आवश्यक उपकरण नहीं हैं जिसकी वजह से यहां अध्ययनरत छात्रा-छात्राओं के प्रायोगिक कार्य नहीं कर पाते। अब छात्र-छात्राओं की इस समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। उनके लिए अच्छी खबर है। एनटीपीसी प्रबंधन की मदद से स्कूलों मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला शुरू की जा रही है। इसमें प्रशिक्षित शिक्षक भी होंगे, जो छात्र-छात्राओं को प्रायोगिक कार्य के बारे में बताएंगे। मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला को एक स्कूल से दूसरे स्कूल में ले जाया जा सकेगा। यह प्रयोगशाला शुरू होने के बाद छात्र-छात्राओं को काफी सहूलियत होगी। प्रायोगिक कार्य के प्रति उनकी रुचि भी बढ़ेगी। अभी तक शासकीय स्कूलों में प्रायोगिक कक्ष तो है लेकिन वहां आवश्यक सभी उपकरण उपलब्ध नहीं है। जिसकी वजह से छात्र-छात्राओं को प्रायोगिक कार्य करने में दिक्कत होती थी। शासकीय विद्यालयों में प्रायोगिक उपकरणों की खरीदी के लिए प्रतिवर्ष राशि तो मिलती है इसके बावजूद व्यवस्था ठीक नहीं होती।
शिक्षा विभाग को लिखा पत्र
मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला शुरू करने के संबंध में एनटीपीसी प्रबंधन ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि एनटीपीसी प्रबंधन सामाजिक दायित्व के अंतर्गत परियोजना के आस-पास स्थित शासकीय विद्यालयों में मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला के संचालन की योजना तैयार की है, जिसमें कक्षा ६वीं से कक्षा ८वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय के पाठ्यक्रमानुसार विभिन्न तरह के साइंस से संबंधित प्रयोग सिखाए जाएंगे। अगत्स्या फाउंडेशन के प्रशिक्षक शिक्षक भी मौजूद रहेंगे। जो बच्चों को प्रयोग से संबंधित जानकारी देंगे। मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला का संचालन पूर्णत: मुफ्त होगा। छात्रों से किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी।
शिक्षा विभाग ने दिखाई उत्सुकता
एनटीपीसी से पत्र मिलने के बाद शिक्षा विभाग भी मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला शुरू करने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में जुट गया है। शिक्षा विभाग को एनटीपीसी प्रबंधन का पत्र मिला है। शिक्षा विभाग नोटसीट तैयार कर जिला प्रशासन के पास प्रस्तुत करेगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद एनटीपीसी प्रबंधन शासकीय स्कूल में मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला आसानी से उपलब्ध करा सकेगा। इन औपचारिकताओं को पूरा करने में शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन बहुत ज्यादा समय नहीं लेंगे। स्कूल एवं बच्चों की शिक्षा से जुड़ा मामला होने की वजह से यह माना जा रहा है कि जल्द ही अनुमति मिल जाएगी। ऐसे में यह अपेक्षा की जा रही है कि स्कूल में बच्चों को जल्द ही मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला की शुरुआत हो जाएगी।