रात में घंटों अंधेरे के आगोश में शहर के कई इलाके, कई स्थानों पर पेड़ गिरे, लाइन टूटी
सिंगरौली. अंधड़ व बारिश के बाद शहर में गुल हुई बिजली कई इलाकों में दूसरे दिन गुरुवार शाम तक बहाल नहीं हो पाई। बिजली महकमा एक एक कर फाल्ट आदि तलाशकर मरम्मत करता रहा। सबसे अधिक परेशानी बैढ़न बाजार में रही। वहीं माजन मोड़ से कचनी के बीच बिजली लाइनों पर पेड़ गिर पड़े।
विंध्यनगर तथा थाना रोड पर भी पेड़ों के लाइनों पर गिरने से आपूर्ति ठप्प हो गई। हालत यह थी कि बिजली विभाग 18 से 20 घंटे बाद भी कुछ इलाकों में आपूर्ति शुरू नहीं कर पाया। अकेले शहरी क्षेत्र में ही प्रारंभिक आंकलन में बिजली विभाग को 8 से 10 लाख रुपए का इंस्ट्रूमेशनल नुकसान होना माना गया है।
अंधड़ में उखड़े पोल, पेड़
शहर में बुधवार शाम अचानक आई अंधड़ ने नगर निगम व बिजली विभाग के इंतजामात की पोल खोल कर रख दी। थाना रोड पर यूक्लेप्टस का पेड़ उखड़ गया। इससे मार्ग एक तरफा होकर रह गया। रात करीब 12 बजे तक पेड़ की कटाई का काम जारी रहा। उसके बाद लाइन दुरुस्ती शुरू हो पाई। यहां मध्यरात्रि बाद जाकर आपूर्ति बहाल की जा सकी।
इसी प्रकार ढोटी में सांई कॉलेज के पास पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। सबसे अधिक नुकसान माजनमोड़ से कचनी के बीच होना सामने आया है। यहां पेड़ों के साथ पोल भी गिर पड़े। लाइनें टूटने के कारण मध्यरात्रि बाद भी आपूर्ति बाधिक रही।
तीन दर्जन पोल गिरे
पोल गिरने के कारण के कारण बिजली विभाग को मर मत करने में सबसे अधिक दिक्कत आई। विभाग के अनुसार ढोटी, पचोर, हिर्रहवा सिंगरोलिया, नवानगर, मटवई, हाउसिंग कॉलोनी, जैतपुर, चर्च बस्ती तथा खुटार क्षेत्र में करीब तीन दर्जन पोल गिर पड़े। इनमें भी हिर्रहवा, सिंगरौलिया की स्थिति और बदत्तर बताई गई। यहां सबसे अधिक पोल टूटे। इस कारण लाइन टूट गई और कई स्थानों पर लाइनें बीच में झूल गई।
मध्य शहर में अधिक दिक्कतें
विभाग की मानें तो इस दौरान सबसे अधिक परेशानी मध्य शहर की घनी बस्तियों की आपूर्ति को लेकर आई। खासकर बैढ़न बाजार-2 सहित बाजार एरिया, बिलौंजी, गनियारी आदि क्षेत्रों में 3 से 4 स्थानों पर लाइनें टूटी। एक दूसरे से लिंक होने के कारण फॉल्ट आदि तलाशने में कर्मचारियों को काफी समय लगा। हालांकि दो बजे बाद कुछ इलाकों को छोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। कुछ बस्तियों में आपूर्ति गुरुवार दोपहर तक शुरू की जा सकी।
घर में गर्मी, बाहर मच्छर
बारिश के बाद बिजली गुल रहने का शहरवासियों को खूब खमियाजा उठाना पड़ा। घरों के अंदर अंधेरा होने के साथ उमस के चलते अंदर ठहरना मुश्किल हो गया। अधिकांश लोग देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाली के इंतजार में घरों के बाहर निकल गए। यहां उन्हें उमस से तो राहत मिल गई लेकिन मच्छरों के प्रकोप से जीना मुहाल हो गया। बड़ी संख्या मेें लोगों को देर रात तक सड़क पर इधर, उधर घुमते देखा गया। खासकर बच्चे अधिक परेशान दिखे।
गांवों में प्रभाव कम
धूलभरी आंधी व बारिश का केन्द्र बिंदू जिला मुख्यालय ही रहा। मोरवा जोन पूरी तरह सुरक्षित रहा। इसी प्रकार माडा, परसोना, शासन तथा रजमिलान क्षेत्र में भी कुछ स्थानों पर लाइनें टूट गई। उन्हें देर रात तक दुरस्त करते हुए आपूर्ति बहाल कर दी गई। कार्यपालन यंत्री एमएस चंदेल के अनुसार आंधी, तूफान का असर ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम रहा। हमने मध्यरात्रि से पहले इन गांवों में आपूर्ति बहाल करवा दी।
10 लाख तक का नुकसान
धूलभरी आंधी के साथ बारिश से सबसे अधिक शहरी क्षेत्र में नुकसान उठाना पड़ा। पोल उखड़ने से लाइनें टूट गई। वहीं सब स्टेशन क्षेत्रों में सर्किट ब्रेकिंग आदि से विभाग को 8 से 10 लाख रुपए का उपकरणीय नुकसान होना माना गया है। फिलहाल, नुकसान की सर्वे रिपोर्ट आना बाकी है।
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शहरी क्षेत्र में तीन दर्जन से अधिक पोल टूटकर गिर पड़े। इसके अलावा पेड़ों के लाइनों पर गिरने से भी नुकसान हुआ। वैसे हमने रात दो बजे तक अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी। रात भर हम खुद छह टीमों के साथ मर मत कार्यों की देखरेख में जुटे रहे। कुछ बस्तियों में गुरुवार दोपहर तक आपूर्ति बहाल करवा दी गई। हम नुकसान का आंकलन करवा रहे हैं।
अजीत सिंह बघेल कार्यपालन यंत्री, बिजली विभाग शहर सिंगरौली