माउंट आबू के प्रवेश द्वार वाहन कर नाके से लेकर गुरु शिखर तक गहरी धुंध के चलते वाहन चालकों को दिन के समय भी वाहन की हेडलाइट जलाकर ही धीमी गति से ही वाहन ड्राइव करने पड़ रहे हैं।
राजस्थान के सिरोही के पर्यटन स्थल माउंट आबू की पहाड़ियों में चारों ओर छाई हरीतिमा की चादर के बीच आसमान से उतरते बादलों का मनभावन नजारा सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इन दिनों राजस्थान के कश्मीर माउंट आबू के दर्शनीय स्थलों का दीदार करने आए पर्यटक मौसम के कायल हो गए हैं। गत चार दिनों से गहरी धुंध के बीच देश-विदेश से आए पर्यटक सड़कों, बाजारों में चहलकदमी करते हुए मौसम का आनंद ले रहे हैं।
क्षेत्र के मुख्य पेयजल स्रोत 59 फीट की ऊंचाई के 264 मिलियन गैलन पानी की क्षमता वाले अपर कोदरा बांध में 54 फीट, 33 फीट की ऊंचाई के 92 मिलियन गैलन पानी की क्षमता वाले अपर कोदरा बांध में 27 फीट तक पानी की आवक हो चुकी है। जबकि 12.25 मीटर की ऊंचाई पर 270 मिलियन गैलन पानी की क्षमता वाली नक्की झील में निरंतर चादर चल रही है।
मंगलवार सवेरे आठ बजे समाप्त 24 घंटों में 19.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज किए जाने से अब तक कुल 969.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। तापमान में मामूली सी हलचल के चलते अधिकतम तापमान 24.5 व न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आसमान से उतरते बादलों का आकर्षक नजारा, गहरी धुंध के बीच कभी बूंदाबांदी, कभी हल्की तो कभी तेज बारिश का क्रम बना हुआ है।
वहीं माउंट आबू के प्रवेश द्वार वाहन कर नाके से लेकर गुरु शिखर तक गहरी धुंध के चलते वाहन चालकों को दिन के समय भी वाहन की हेडलाइटें जलाकर ही धीमी गति से ही वाहन ड्राइव करने पड़ रहे हैं। लाइट जलाने के बावजूद भी रास्ता तलाशने में वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते स्थानीय नागरिकों व आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। पर्यटकों को नदी, नालों, झरनों व चट्टानों के ऊपर नहीं जाने को गश्ती दल निरंतर पेट्रोलिंग कर रहे हैं। सवेरे भ्रमणकारियों ने क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करते हुए स्वास्थ्य दुरुस्ती के उपाय किए। पर्यटकों सवेरे नाश्ता करने के बाद दर्शनीय स्थलों का अवलोकन करने को रवाना हुए। जहां मौसम से पर्यटक आनंदित दिखे, वहीं गहरी धुंध छाई रहने से कई स्थानों पर वादियों के अनुपम दृश्यों को निहारने से वंचित रहे।