
सिरोही. माल की ढुलाई करने वाले वाहन राजकोष को चूना लगा रहे हैं। कई जगह कृषि प्रयोजन के काम में आने वाले वाहनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। इससे बगैर टैक्स चुकाए ही माल चांदी काटी जा रही है। ओवरलोड चल रहे भारी वाहन भी राजस्व को चूना लगा ही रहे हैं। साथ ही फिटनेस के मापदंडों की अनदेखी जा रही है। दिनभर में इस तरह के सैकड़ों वाहन गुजर रहे हैं। लेकिन कार्रवाई तो दूर इन वाहनों को कोई रोकना भी गंवारा नहीं करता।
बैखोफ दोड़ते हैं कृषि वाहन
कृषि प्रयोजन के वाहन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में माल ढुलाई के काम ज्यादा ही हो रहे हैं। पत्थर, बजरी, सीमेंट और अन्य सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। बगैर टैक्स के चल रहे ये वाहन टैक्स चुका कर माल ढुलाईकरने वाले वाहनों को नुकसान दे रहे हैं। ट्रैक्टर मालिक इनसे अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे हैं।
नियमों का उल्लंघन
सड़कों पर दौडऩे वालेे अठारह चक्कों के वाहनों में माल ढुलाई करते समय चालक चार चक्के ऊपर उठा लेते हैं। इससे समूचा भार अन्य चक्कों पर रहता है। ऐसे में हादसे की आशंका तो बनती ही है, सड़कों को भी नुकसान हो रहा है। उदाहरण के तौर पर अठारह चक्कों का वाहन चलाते समय बीच के चार चक्के ऊपर उठा लेते हैं। इससे वाहन चौदह पहियों पर दौड़ता है। वाहन चालक टायरों की घिसाई बचाने के चक्कर में सड़कों का नुकसान कर रहे हैं। यह फिटनेस की शर्तों का भी सरासर उल्लंघन है।
यह परिवहन विभाग के नियम
-नियमानुसार कृषि प्रयोजन के लिए जारी हुए वाहनों को कृषि कार्यों के उपयोग में ही लिया जा सकता है।
-व्यावसायिक उपयोग लिए जाने पर टैक्स जमा कर वाहन को मालवाहक के रूप में पंजीयन करवाना होता है।
इनका कहना है...
अठारह चक्कों का वाहन चलाते समय बीच के चार चक्के ऊपर उठा लेते हैं। नियमों विरुद्ध है। कार्रवाई के दौरान इसकी जांच होती है। रोजाना चालान बनाते हैं। कृषि वाहनों का व्यावसायिक में उपयोग करते मिलता है। तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे।
-मनीष शर्मा, जिला परिवहन अधिकारी, सिरोही