सिरोही

शिक्षा विभाग का नया फरमान: अब स्कूलों में करवाने होंगे संतों के प्रवचन

- शिविरा पंचांग जारी, हर माह के तीसरे शनिवार को कार्यक्रम
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Education Department
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सिरोही. पहले साइकिल का रंग भगवा किया, फिर विद्यार्थियों की पोशाक बदली और अब नए शिक्षा सत्र से सरकारी विद्यालयों में प्रवचन की तैयारी की जा रही है। माह के हर तीसरे शनिवार को संतों का प्रवचन करवाना जरूरी होगा। ये निर्देश माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी शिविरा पंचांग में अंकित हैं।
पंचांग के अनुसार प्रवेश की अंतिम तिथि 15 जुलाई रहेगी। मध्यावधि अवकाश 29 अक्टूबर से 9 नवम्बर तक व शीतकालीन अवकाश 25 दिसम्बर से 7 जनवरी तक होगा। पहले शनिवार को किसी महापुरुष के जीवन का प्रेरक प्रसंग बताया जाएगा। द्वितीय शनिवार को शिक्षाप्रद प्रेरक कहानियों का वाचन व संस्कार सभा होगी। तीसरे शनिवार को संतों का प्रवचन करवाना जरूरी होगा। चौथे शनिवार को महाकाव्यों पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम होगा। पंचम शनिवार को प्रेरक नाटक का मंचन व विद्यार्थियों की ओर से राष्ट्रभक्ति गीत गायन होगा। माह के अंतिम शनिवार को समस्त राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ओर से एक कालांश में स्वैच्छिक श्रमदान किया जाएगा।

इनमें अनिवार्य
प्रदेश के सभी सरकारी, गैर सरकारी, सीबीएसइ से संबद्ध विद्यालयों व अनाथ बच्चों के लिए संचालित आवासीय विद्यालयों, विशेष प्रशिक्षण शिविरों एवं शिक्षण प्रशिक्षण विद्यालयों में प्रवचन अनिवार्य रूप से करवाना होगा।

सालभर भी गतिविधियां
- गर्मियों में विद्यालय संचालन एक अप्रेल से 30 सितम्बर तक
- सर्दियों में संचालन एक अक्टूबर से 31 मार्च तक
- गर्मियों में विद्यालय समय सुबह 8 .05 से अपराह्न 2.10 बजे तक
- सर्दियों में विद्यालय समय सुबह 9.35 से अपराह्न 3.40 तक
- जुलाई में 26 दिन कार्यदिवस व तीन उत्सव
- अगस्त में दो उत्सव, एक अवकाश, 26 कार्यदिवस
- सितम्बर में 22 कार्यदिवस, 3 अवकाश, 5 उत्सव
- अक्टूबर में 21 कार्यदिवस, 3 उत्सव, 6 अवकाश
- नवम्बर में 16 कार्यदिवस, अवकाश 10, उत्सव 5
- दिसम्बर में 20 कार्यदिवस, 6 अवकाश, दो उत्सव
- जनवरी में 21 कार्यदिवस, 6 अवकाश 5 उत्सव
- फरवरी में 24 कार्य दिवस 3 उत्सव
- मार्च में 23 कार्य दिवस, 3 अवकाश व 3 उत्सव
- अप्रेल में 24 कार्य दिवस, 2 अवकाश 3 उत्सव
- मई में 8 कार्य दिवस, 19 अवकाश, एक उत्सव
- जून में 10 कार्य दिवस, 15 अवकाश एवं 3 उत्सव

इनका कहना है....
प्रवचन के माध्यम में सरकार शिक्षा का राजनीतीकरण एवं भगवाकरण करने का प्रयास कर रही है। रोजाना नए आदेश निकालने से शिक्षा का स्तर घट रहा है।
- धर्मेन्द्र गहलोत, मुख्य महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील, सिरोही

Published on:
09 Jun 2018 10:40 am