सिरोही

गोवर्धन योजना: ऊड पंचायत में लगेगा बायोगैस संयंत्र

जिले में एक पंचायत का चयन

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Jul 31, 2018
sirohi
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सिरोही. जिले की ऊड ग्राम पंचायत में अब जल्द बायोगैस संयंत्र स्थापित होगा। इससे गांव में लकडिय़ों के चूल्हे की जगह गैस चूल्हे पर खाना पक सकेगा। साथ ही काश्तकारों को गांव में ही उच्च गुणवत्ता वाली खाद मिलेगी। यह सब होगा केन्द्र सरकार की गोवर्धन योजना के तहत। योजना के तहत जिले की ऊड ग्राम पंचायत का चयन किया है। इसके लिए यहां चयनित प्रकिया शुरू हो गई है।
150 परिवार को प्राथमिकता
योजना के तहत जिले की जिस ग्राम पंचायत में पशुधन की संख्या 30 से 40 फीसदी होगी उसी को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के तहत मजबूत ग्रामीणों के समूह में पहली प्राथमिकता महिला स्वयं सहायता समूह की होगी। जिस पंचायत का चयन होगा। उस गांव में कम से कम 150 परिवार होंगे। इससे उस पंचायत को पशुधन अधिक होने का लाभ मिलेगा।
यह होगा लाभ
चयनित गांव में बायोगैस तैयार होगी। इसके लिए गांव में एक निर्धारित स्थान पर संयंत्र बनेगा। इस संयंत्र में गांव के सभी पशु पालक गोबर डालेंगे। इससे बनने वाली गैस से इन्हीं ग्रामीणों को कनेक्शन जोड़ दिए जाएंगे जिससे वे घरों में गैस का चूल्हा जला सकेंगे। इससे ग्रामीणों को दो लाभ होंगे। आस-पास के जंगल सुरक्षित होगा और गैस उपलब्ध हो जाएगा। साथ ही साथ गुणवत्ता युक्त खाद भी मिल जाएगी।
यह है योजना
केन्द्र सरकार की ओर से गोवर्धन योजना के तहत गांवों में बायोगैस बनाए जाने की योजना बनी थी। जिसके तहत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन में देश के 300 ग्राम पंचायतों में से एक-एक ग्राम पंचायत को शामिल किया जाना है। जिसके तहत प्रदेश के सभी जिलों से एक-एक ऐसी ग्राम पंचायत का चयन करना है। जिसमें बायोगैस बनाने की क्षमता हो। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने प्रदेश के सभी जिला परिषद के सीईओ को गोबर की उपलब्धता वाली एक-एक ग्राम पंचायत का चयन करने के निर्देश जारी किए थे।
&गोबर की सुनिश्चिता वाली ग्राम पंचायत होने के कारण ऊड का चयन किया गया। जल्द ही बायोगैस का संयंत्र स्थापित कर दिया जाएगा।
-चांदू खा, समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन, सिरोही
&ग्राम पंचायत की चयन हुआ है। गांव का चयन होने से ग्रामीणों को काफी लाभ होगा।
-नरपतसिंह, वार्डपंच ऊड

Published on:
31 Jul 2018 09:39 am