सिरोही

Sirohi : माउंट आबू में दिनदहाड़े दिखा पैंथर का जोड़ा, घास में कर रहे थे अठखेलियां, वन्यजीव प्रेमी उत्साहित

Sirohi : पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है। रविवार सुबह देलवाड़ा मार्ग पर गोरा छपरा क्षेत्र में एक विद्यालय के समीप पैंथर का जोड़ा नजर आया।
2 min read
mount abu panthers pair spotted frolicking in grass
Sirohi : माउंट आबू में दिनदहाड़े दिखा पैंथर का जोड़ा। फोटो पत्रिका

Sirohi : पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में आबादी के आस-पास पैंथरों और भालुओं की आवाजाही बढ़ने से लोगों में डर बना हुआ है, वहीं वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है। रविवार सुबह देलवाड़ा मार्ग पर गोरा छपरा क्षेत्र में एक विद्यालय के समीप पैंथर का जोड़ा नजर आया। वहीं, रात करीब 9 बजे देलवाड़ा स्थित कुआंरी कन्या मंदिर के पास सड़क पर एक पैंथर चहलकदमी करता दिखाई दिया। गोरा छपरा क्षेत्र में राहगीरों की नजर सड़क किनारे एक चट्टान पर पड़ी, जहां एक पैंथर घास के बीच खड़ा था, जबकि दूसरा घास में बैठा हुआ था। दोनों पैंथर करीब पांच से सात मिनट तक घास के बीच अठखेलियां करते रहे। इस दौरान एक पैंथर आस-पास नजरें दौड़ाता दिखाई दिया, मानो शिकार की तलाश में हो। राहगीरों ने इस रोमांचक नजारे को अपने कैमरों में कैद कर लिया। कुछ देर बाद दोनों पैंथर चट्टान और घास के बीच से निकलकर झाड़ियों में चले गए।

रात में सड़क पर दिखा पैंथर

देलवाड़ा स्थित कुआंरी कन्या मंदिर के समीप रविवार रात करीब 9 बजे एक पैंथर सड़क के बीच चहलकदमी करता नजर आया। वह बिना किसी को नुकसान पहुंचाए मंदिर के आगे से गुजरते हुए सड़क किनारे झाड़ियों में ओझल हो गया।

वन्यजीवों से दूरी रखें, सावधानी बरतें

वन्यजीव प्रेमियों के अनुसार, वन्यजीवों से दूरी बनाए रखना और उनके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करना जरूरी है। सूर्यास्त के बाद वन्यजीव भोजन की तलाश में आबादी क्षेत्र की ओर आ जाते हैं और सुबह वन क्षेत्र में लौट जाते हैं। ऐसे में लोगों को विशेषकर सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद सतर्क रहना चाहिए।

28 नवंबर से होगा 2 दिवसीय माउंट आबू बर्ड फेस्टिवल

पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में पक्षियों के संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 28 नवंबर से 2 दिवसीय माउंट आबू बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य में 250 से अधिक पक्षी प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इनमें ग्रीन मुनिया, इंडियन पैराडाइज फ्लाईकेचर, क्रेस्टेड सर्पेट ईगल और इंडियन पिट्टा प्रमुख हैं। यहां की विशिष्ट जलवायु, वनस्पति और भौगोलिक परिस्थितियां इसे राजस्थान के अन्य क्षेत्रों से अलग पहचान देती हैं। बर्ड फेस्टिवल के माध्यम से इस समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण और माउंट आबू को पक्षी पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान दिलाने पर जोर रहेगा।

माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन

माउंट आबू राजस्थान के सिरोही जिले में अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित एकमात्र हिल स्टेशन है। वन्यजीव गणना आंकड़ों के अनुसार, माउंट आबू अभयारण्य क्षेत्र में लगभग 350 स्लॉथ बियर (भालू) और 35-40 से अधिक पैंथर पाए जाते हैं। माउंट आबू में भालू और पैंथर अक्सर सड़कों, रिहायशी इलाकों और पर्यटन स्थलों (जैसे टाइगर पाथ, अधर देवी मंदिर) के पास देखे जाते हैं।

Updated on:
19 Oct 2026 09:48 pm
Published on:
19 Oct 2026 09:29 pm