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राजस्थान में त्रिवेणी गिरि महाराज हत्याकांड का खुलासा, पोस्टर विवाद में साथी संत ने रची थी हत्या की साजिश

सिरोही के शिवगंज में संत त्रिवेणी गिरि महाराज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। गुरु के पोस्टर लगाने को लेकर हुए विवाद में रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने संत तुलसी गिरि और श्रवण गमेती को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी फरार है।
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triveni giri maharaj murder case

आरोपियों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस (पत्रिका फोटो)

Sirohi Sant Triveni Giri Maharaj Murder Case: शिवगंज (सिरोही): राजस्थान के सिरोही जिले में कबेश्वर महादेव मंदिर के आश्रम में संत त्रिवेणी गिरि महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मंदिर में गुरु के पोस्टर लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद रंजिश में संत की हत्या की साजिश रची गई थी। इस मामले में पुलिस ने एक संत सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेय सिंह राठौड़ ने बताया कि 1 अक्टूबर को पागल गिरि उर्फ पागल बाबा ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनके गुरु भाई त्रिवेणी गिरि महाराज (70) का शव कबेश्वर महादेव मंदिर के आश्रम की छत पर पड़ा है। त्रिवेणी गिरि महाराज पिछले दो-तीन वर्षों से आश्रम में रह रहे थे। शव से तेज दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने मौके पर देखा कि संत का शव छत पर रखी चारपाई पर पड़ा था। शव दो-तीन दिन पुराना होने के कारण काफी खराब हो चुका था। कमरे में सामान बिखरा हुआ मिलने से मौत को लेकर संदेह गहरा गया। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव साधु-संतों को सौंप दिया गया।

जांच में सामने आई आपसी रंजिश

एसपी राठौड़ ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार और शिवगंज वृत्ताधिकारी पुष्पेंद्र वर्मा के मार्गदर्शन में जांच शुरू की गई। थानाधिकारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाई।

पुलिस ने हत्या के आरोप में तोलाराम उर्फ तुलसी गिरि (58), पुत्र बिजाराम, चेला हरि गिरि महाराज, निवासी कोठार, थाना नाना, जिला पाली, हाल निवासी चेतन बाला हनुमानजी, कोलीवाड़ा, थाना सुमेरपुर तथा श्रवण कुमार गमेती भील (32), पुत्र करमाराम, निवासी निचला थला, थाना कोटड़ा, जिला उदयपुर को गिरफ्तार किया है।

गुरु के पोस्टर लगाने को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस जांच के अनुसार, श्रावण मास के दौरान कबेश्वर महादेव मंदिर में गुरु के पोस्टर लगाने को लेकर त्रिवेणी गिरि महाराज और कोलीवाड़ा के तुलसी गिरि महाराज के बीच कहासुनी हुई थी। दोनों के बीच खुद को नागा बाबा बताने को लेकर भी विवाद हुआ था। पुलिस का कहना है कि तुलसी गिरि ने इस विवाद को लेकर रंजिश पाल ली और त्रिवेणी गिरि महाराज से बदला लेने की योजना बनाई।

मोटरसाइकिल से पहुंचे, रात में की हत्या

पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर 2026 को तुलसी गिरि मोटरसाइकिल से सुमेरपुर पहुंचा। वहां से वह श्रवण कुमार गमेती भील और उसके एक साथी को साथ लेकर आया। इसके बाद तुलसी गिरि ने दोनों को अंदरूनी रास्तों से कबेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने का रास्ता बताया और उन्हें वहां छोड़ दिया।

आरोप है कि दोनों पैदल मंदिर पहुंचे और रात में आश्रम की छत पर सो रहे त्रिवेणी गिरि महाराज की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपियों ने कमरे में रखा सामान खंगाला और वहां से मिले सामान को लेकर फरार हो गए। पुलिस इस मामले में फरार आरोपी की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

हत्याकांड का खुलासा करने में शिवगंज थाने और वृत्त कार्यालय की पुलिस टीम के साथ सिरोही साइबर सेल के जवानों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वृत्त कार्यालय में तैनात कांस्टेबल एवं तकनीकी सहायक वीरेंद्र सिंह का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ने मामले के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मान पत्र देकर उनके कार्य की सराहना की।

आरोपियों को रिमांड पर सौंपा

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी तुलसी गिरि महाराज और श्रवण कुमार गमेती को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों और फरार आरोपी की भूमिका के संबंध में और जानकारी सामने आने की संभावना है।