
ग्रामीणों व संतों से वार्ता करते डीएसपी। फोटो: पत्रिका
Sirohi Sant Murder: सिरोही। काना कोलर के समीप जंगल में स्थित कबेश्वर महादेव मंदिर परिसर के आश्रम में रहने वाले संत त्रिवेणीगिरी महाराज की अज्ञात लोगों ने निर्मम हत्या कर दी। उनका सड़ा-गला शव गुरुवार शाम आश्रम की छत पर पलंग पर पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया शव करीब तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और गिरी संप्रदाय के संत मंदिर परिसर में एकत्र हुए और घटना को लेकर आक्रोश जताते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
संत त्रिवेणीगिरी महाराज लंबे समय से कबेश्वर महादेव मंदिर परिसर स्थित आश्रम में निवास कर रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें मंगलवार शाम तक देखा गया था। इसके बाद उनका पता नहीं चला। गुरुवार शाम आश्रम की छत से तेज दुर्गंध आने पर कुछ भक्त ऊपर पहुंचे, जहां संत का शव पलंग पर पड़ा मिला। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक पुष्पेंद्र वर्मा, पुलिस निरीक्षक ओमप्रकाश चौधरी मय जाब्ता रात करीब नौ बजे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव काफी सड़ जाने के कारण रात में पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं हो सकी।
शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और संत मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। संत समाज एवं ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर हत्या के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी कबेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों, ग्रामीणों एवं संतों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह से फोन पर बात कर घटना का शीघ्र खुलासा करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
घटना को लेकर संत समाज के लोग मौके पर धरने पर बैठ गए। बाद में विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे। संतों एवं ग्रामीणों ने बताया कि त्रिवेणीगिरी महाराज ने कुछ दिन पूर्व अपने साथ अनहोनी होने की आशंका जताई थी। इस बिंदु को भी जांच में शामिल करने की मांग की गई।
धरने के दौरान पुलिस उप अधीक्षक ने संतों एवं ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और घटना के पीछे जो भी व्यक्ति होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा जाएगा। पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद सहमति बनी। इसके बाद मेडिकल बोर्ड को मौके पर बुलाकर घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम करवाया गया और पार्थिव देह संत समाज एवं ग्रामीणों को सुपुर्द की गई। बाद में संत परंपरा के अनुसार मंदिर परिसर में ही संत त्रिवेणीगिरी महाराज का समाधि संस्कार किया गया।
संत त्रिवेणीगिरी महाराज के सिर में किसी हथियार से गंभीर चोट के निशान मिले हैं। शव पुराना होने की वजह से चोट की जगह पर कीड़े भी पड़ चुके थे। संत के हाथ में पहने चांदी के कड़े, उनकी माला सहित आश्रम में रखा सामान भी लूट कर ले जाने की जानकारी मिली है। आश्रम में सारा सामान अस्त व्यस्त था।
Updated on:
03 Oct 2026 08:37 am
Published on:
03 Oct 2026 08:37 am
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