सिरोही

Msp kharid: सरसों-चना खरीद में किसानों की बेरुखी; 6 दिन में एक भी पंजीयन नहीं, जानें सरसों के मंडी भाव

Msp kharid: न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों और चना की खरीद एक अप्रेल से शुरू होगी । इसको लेकर पंजीयन प्रक्रिया 20 मार्च से शुरू हो गई, लेकिन अभी तक एक भी किसान ने पंजीयन नहीं किया है ।

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Mar 27, 2026
कृषि उपज मंडी यार्ड में लगी सरसों की ढेरियां। फोटो- पत्रिका

Mandi News: राजस्थान सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों और चना की खरीद के लिए 20 मार्च से ऑनलाइन पंजीयन शुरू किया गया, लेकिन छह दिन बीतने के बाद भी एक भी किसान ने पंजीयन नहीं कराया है ।

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बाजार में एमएसपी से अधिक भाव

इसकी मुख्य वजह बाजार में एमएसपी से अधिक भाव मिलना बताया जा रहा है, जिससे किसान सरकारी खरीद में रुचि नहीं दिखा रहे हैं । जिंस खरीद एक अप्रेल से शुरू होगी ।

बाजार में सरसों 7200 रुपए बिक रही

सरकार ने सरसों का एमएसपी 6200 रुपए प्रति क्विंटल और चने का 5875 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि बाजार में सरसों करीब 7200 और चना 7600 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है ।

सिरोही जिले में चार खरीद केन्द्र बनाए

राज्य सरकार ने सरसों और चना की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एक अप्रेल से शुरू करने का निर्णय लिया है । खरीद के लिए जिले में जावाल, शिवगंज, रेवदर और स्वरूपगंज केन्द्र बनाए हैं ।

गेहूं खरीद केंद्र नहीं, किसान परेशान

किसानों का कहना है कि जिले में सरसों और चना के लिए केंद्र खोल दिए हैं, लेकिन गेहूं के लिए कोई केंद्र नहीं बनाया गया । जबकि जिले में गेहूं की सर्वाधिक बुवाई होती है । कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में जिले में करीब 39,560 हैक्टेयर में गेहूं, 4,865 हैक्टेयर में चना और 23,872 हैक्टेयर में सरसों की बुवाई हुई है । गेहूं का खरीद केंद्र नहीं होने से किसानों में नाराजगी है ।

फैक्ट फाइल

  • सरसों: एमएसपी 6200, बाजार भाव 7200 रुपए प्रति क्विंटल
  • चना: एमएसपी 5875, बाजार भाव 7600 रुपए प्रति क्विंटल

बुवाई : गेहूं 39,560, चना 4,865, सरसों 23,872 हेक्टेयर

एक भी किसान ने नहीं किया पंजीयन…

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों और चना की खरीद एक अप्रेल से शुरू होगी । इसको लेकर पंजीयन प्रक्रिया 20 मार्च से शुरू हो गई, लेकिन अभी तक एक भी किसान ने पंजीयन नहीं किया है ।

  • जयदेव देवल, डिप्टी रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, सिरोही

जिले में गेहूं की सबसे अधिक पैदावार के बावजूद खरीद केंद्र नहीं खोलना किसानों के साथ अन्याय है । इससे किसानों में आक्रोश है। सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है । जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी इस मुद्दे पर कोई रुचि नहीं ले रहे हैं । वहीं सरसों और चना का बाजार भाव अधिक होने से किसान सरकारी केंद्रों पर बिक्री में रुचि नहीं ले रहे हैं ।

  • मावाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ, सिरोही

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Published on:
27 Mar 2026 01:43 pm
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