
फाइल फोटो- पत्रिका
सिरोही। सोना-चांदी के भाव, जो पहले तेजी से आसमान छू रहे थे, अब उसी रफ्तार से गिरावट दर्ज कर रहे हैं। दोनों कीमती धातुओं में भारी कमी आई है। महज 50 दिनों में सोना 36 हजार रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 1 लाख 84 हजार रुपए प्रति किलो तक लुढ़क गई है। ऊंचे भाव पर खरीदारी करने वालों के लिए यह गिरावट किसी करारे झटके से कम नहीं है। कई सर्राफा व्यापारियों को भी नुकसान झेलना पड़ा है। हालांकि, भावों में गिरावट के बाद बाजार में ग्राहक धीरे-धीरे लौटने लगे हैं।
शादी-ब्याह या निवेश के लिए ऊंचे दामों पर सोना-चांदी खरीदने वाले अब भारी नुकसान में हैं। सिरोही के सर्राफा व्यापारी मुकेश सोनी बताते हैं कि जिलेभर से कई लोगों ने तेजी के दौर में खरीदारी की थी। लगातार गिरते भावों ने न केवल ग्राहकों को, बल्कि व्यापारियों को भी आर्थिक चोट दी है। हालांकि, गिरावट के बाद अब बाजार में हल्की चहल-पहल लौट रही है। जो लोग पहले ऊंचे भावों से डरकर खरीद नहीं कर रहे थे, वे अब सोना-चांदी लेने की सोच रहे हैं।
सोना-चांदी की कीमतों में यह ऐतिहासिक गिरावट निवेशकों के लिए चेतावनी है कि बाजार की चमक कभी भी फीकी पड़ सकती है। ऊंचे भाव पर खरीदने वालों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है, जबकि अब गिरावट के बाद नए खरीदारों के लिए अवसर बन रहा है।
मजबूत होता डॉलर : अमरीकी डॉलर की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट पर दबाव बढ़ा दिया।
फेड रिजर्व का रुख : ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होने से सोना-चांदी की चमक फीकी पड़ी।
युद्ध का असर नहीं : अमरीका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के बावजूद भाव बढ़ने की बजाय गिरते रहे, जो अर्थशास्त्रियों के लिए भी हैरानी का विषय है।
| दिनांक | चांदी (प्रति किलो- कीमत लाख में) | सोना (प्रति 10 ग्राम-कीमत लाख में) |
| 29 जनवरी | 4.10 | 1.84 |
| 30 जनवरी | 3.60 | 1.75 |
| 31 जनवरी | 2.80 | 1.66 |
| 10 फरवरी | 2.65 | 1.60 |
| 18 फरवरी | 2.40 | 1.55 |
| 19 मार्च | 2.29 | 1.50 |
| 22 मार्च | 2.26 | 1.48 |
जब भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर थे, तब आमजन ने खरीद लगभग बंद कर दी थी। केवल मजबूरी में ही लोग खरीद रहे थे। अब लगातार गिरावट से आमजन फिर से बाजार में लौट रहे हैं।
जब भाव आसमान छू रहे थे, तब मजबूरी में ही थोड़ी खरीद करनी पड़ी। अब गिरावट देखकर लगता है कि जल्दबाजी में लिया गया फैसला गलत था।
शादी के लिए ऊंचे भाव पर सोना लिया था, अब कीमतें गिरने से मन खिन्न हो गया है। लेकिन जो लोग अब खरीद रहे हैं, उनके लिए यह सही समय है।
पहले तो सोना-चांदी आमजन की पहुंच से बाहर हो गया था। अब गिरावट से उम्मीद जगी है कि फिर से खरीद संभव होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को कभी भी ऊंचे भावों पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव आम है और कभी भी कीमतें तेजी से गिर सकती हैं। इसलिए सही समय का इंतजार करना और सोच-समझकर निवेश करना फायदेमंद रहता है।
Published on:
23 Mar 2026 06:00 am
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