नगर पालिका आबूरोड
आबूरोड. राज्य सरकार ने आचार संहिता से पहले कई आदेश जारी किए हैं। अब एक-एक कर यह आदेश सामने आ रहे हंै। स्वायत्त शासन विभाग ने भी एक आदेश जारी किया था, जिसमें जिले की सभी नगर निकायों की दुकानों के किरायेदारों को मालिक बनाया जाएगा। सरकार का यह कदम चुनावों को देखते हुए व्यापारी वर्ग कर नाराजगी दूर करने के लिए माना जा रहा है। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा ने 5 अक्टूृबर को जारी किए आदेश में निकायों की दुकानों या जमीन पर व्यापार कर रहे लीजधारकों व किराएदारों की लिए लीज की अवधि 99 वर्ष कर दी गई है। इससे कारोबारियों को दीर्ध अवधि तक परेशानी से निजात मिलेगी। आदेश के मुताबिक 31 दिसम्बर तक आवेदन करने वालों को ही लीज दी जाएगी। एक जनवरी को परिषद दुकानों खाली करवाकर अपने कब्जे में लेगी।
आदेश में यह भी उल्लेख
आदेशानुसार दरें 40 वर्गमीटर या उससे कम दुकानों पर लागू होंगी। दुकानों का क्षेत्रफल 40 वर्ग मीटर से अधिक व 75 वर्ग मीटर होने पर दरों से वूसल की जाने वाली राशि पर 50 प्रतिशत प्रीमियम अतिरिक्त वसूला जाएगा। दुकानों का क्षेत्रफल 75 वर्गमीटर से अधिक व 100 वर्गमीटर तक होने पर वसूल की जाने वाली राशि पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त प्रीमियत वूसला जाएगा।
पहले यह आदेश था
नगरीय निकायों की दुकानों या जमीन पर वर्षों से व्यापार करने वाले लीजधारकों, किराएदारों या सबलेट के माध्यम से दुकानों की खरीद कर चुके व्यापारियों के लिए सरकार ने 2013 में सत्ता में आते ही दुकानों 30 वर्ष के लीज पर देने का आदेश दिया था। इससे कारोबारियों में नाराजगी फैल गई थी। अब सरकार ने अपना फैसला बदलकर लीज बढ़ा दी है।
यह है नई गाइडलाइन
मूल किराएदार की ओर से दुकानों सबलेट कर दी है तो एक मुश्त वसूल की जाने वाली राशि का 50 प्रतिशत प्रीमियम अतिरिक्त रुप से वसूला जाएगा।
ऐसे लघु अवधि लीजधारक या किरायेदार की भूतल पर निर्मित दुकान के प्रथमतल की छत अथवा छत पर किए गए निर्माण का 99 साल की लीज का नियमन वर्तमान व्यवसायिक डीएलसी दर की 50 प्रतिशत राशि वसूल कर किया जाएगा।
पूर्व की लीज अवधि या किरायेदारी जिस दिनांक को समाप्त हुई है, उस दिनांक से अगले 99 साल के लिज पर नियमन होगा।
99 वर्ष की लीज पर नियमन करने के जारी किए आदेश 31 दिसम्बर 2018 तक प्रभावी रहेंगे। इस अवधि में नियमन नहीं करवाने वाले लीज धारक या किराएदारों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
26 जनवरी 1950 से पूर्व के किराएदारों से वर्तमान व्यावसायिक आरक्षित मूल्य की 25 प्रतिशत राशि एक मुश्त ली जाएगी।
26 जनवरी 1950 से 10 अगस्त 1983 तक की अवधि के किराएदारों से वर्तमान व्यावसायिक आरक्षित मूल्य की 50 प्रतिशत राशि एक मुश्त ली जाएगी।
11 अगस्त 1983 से 17 जून तक की अवधि के किरायेदारों से वर्तमान व्यावसायिक आरक्षित मूल्य की 75 प्रतिशत राशि एक मुश्त वसूली जाएगी।
एक मुश्त राशि के अतिरिक्त प्रतिवर्ष वर्तमान व्यावसायिक आरक्षित दर की 5 प्रतिश राशि लीज या किराए के रूप में हर साल वसूल की जाएगी।8 वर्ष तक की राशि एक मुश्त जमा करवाने पर किराया मुक्त कर दिया जाएगा।
&आदेश प्राप्त हो गए हंै, दुकानदारों को 99 साल के लिए दुकानें लीज पर दी जाएगी, ताकि उनको बार बार खाली नहीं करनी पड़े।
महेन्द्र चौधरी, ईओ नगर पालिका आबूरोड