
ज्वैलरी की दुकान। फोटो- पत्रिका
सिरोही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल तक सोने की खरीदारी नहीं करने की अपील को लेकर महिलाओं में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई महिलाओं का कहना है कि बढ़ती कीमतों के बीच यह फैसला घरेलू बजट संभालने में मददगार साबित हो सकता है, वहीं कुछ महिलाएं इसे परंपराओं से जुड़ा विषय मान रही हैं। सिरोही में कई महिलाओं का मानना है कि भारतीय परिवारों में सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि परंपरा, सामाजिक प्रतिष्ठा और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।
जिन घरों में आगामी दिनों में शादियां हैं, वहां कुछ परिवार अब हल्के आभूषण, पुराने गहनों की री-डिजाइनिंग और किराए के ज्वैलरी सेट जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। बाजार में भी सोने की जगह डायमंड और इमिटेशन ज्वैलरी की मांग बढ़ने की चर्चा है।
इधर, पीएम की सोने की खरीदारी से परहेज करने की अपील ने ज्वैलरी बाजार पर गहरा असर डाला है। पहले से ही बढ़ती सोने की कीमतों से जूझ रहे कारोबारियों को अब इस अपील ने एक और झटका दिया है। शादियों के सीजन में यह दोहरी मार साबित हो सकती है। सिरोही शहर में करीब 70 छोटी-बड़ी ज्वैलरी दुकानें संचालित हैं। कारोबारियों का कहना है कि इस कारोबार से हजारों लोगों की रोजीरोटी जुड़ी है। इससे बिक्री पर असर पड़ा है। जिन लोगों को आवश्यकता है, वे खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन पहले की तुलना में कम मात्रा में सोना ले रहे हैं।
अभी बाजार में दस ग्राम सोने की कीमत लगभग 1 लाख 57 हजार रुपए है। ऐसे में आम ग्राहक पहले ही ऊंची कीमतों से परेशान थे, अब अपील के बाद खरीदारी और कम हो गई है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो ज्वैलरी बाजार में मंदी और गहरा सकती है।
जुलाई माह में दो बेटियों की शादी है। हमने पहले ही कुछ सोने की खरीदारी कर ली थी, लेकिन प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब ज्यादा खरीदारी नहीं करेंगे। जो गहने आवश्यक हैं, उनकी ही खरीदारी करेंगे।
फरवरी में एक पोती की शादी कर ली। अब दूसरी पोती की शादी की तैयारी कर रहे हैं। सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि परंपरा और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। शादी-ब्याह में सोने की खरीदारी शुभ मानते हैं, इसलिए इसे पूरी तरह टालना आसान नहीं है।
पीएम की अपील ने ज्वैलरी बाजार को एक और मंदी का झटका दिया है। इसका सीधा असर रोजगार और व्यापार पर पड़ेगा। बिक्री में करीब 30 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। सिरोही शहर में वर्तमान में लगभग 70 छोटी-बड़ी ज्वैलरी दुकानें संचालित हैं। जिन ग्राहकों को वास्तविक आवश्यकता है, वे खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन पहले की तुलना में कम मात्रा में सोना ले रहे हैं।
Updated on:
13 May 2026 04:15 pm
Published on:
13 May 2026 04:15 pm
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