सिरोही

Sirohi Aburaj Road: सिरोही से 45KM घट जाएगी आबूराज की दूरी, जल्द बनेगी चमचमाती सड़क, फर्म ने किया निरीक्षण

गुलाबगंज से आबूराज तक प्रस्तावित वैकल्पिक सड़क मार्ग की डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सर्वे करने वाली फर्म के निदेशक ने मार्ग का निरीक्षण कर अधिकारियों से आवश्यक जानकारी जुटाई।
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Jun 25, 2026
Sirohi Aburaj Road
प्रतीकात्मक तस्वीर

सिरोही। जिले के गुलाबगंज से आबूराज तक प्रस्तावित सड़क मार्ग को लेकर डिटेट प्रोजेक्टस रिपोर्ट बनाने वाली फर्म के निदेशक अनिंदया चावला ने मार्ग का निरीक्षण किया। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रमेश कुमार से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। चावला ने बताया कि सर्वे का कार्य तय समय में पूरा कर रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी को प्रस्तुत की जाएगी। एलाइनमेंट तय होने पर वन विभाग से स्वीकृति की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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सांसद ने उठाया था मुद्दा

सांसद लुंबाराम चौधरी ने गत 21 जून को आबूरोड में आयोजित आबू पर्वत विकास समिति की बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से गुलाबगंज-आबूराज सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया था। चौधरी ने इस वैकल्पिक सड़क मार्ग की आवश्यकता और उपयोगिता को रखते हुए कहा था कि वर्तमान में आबूराज से आबूरोड सड़क मार्ग को तकनीकी रूप से चौड़ा नहीं किया जा सकता क्योंकि सड़क के एक तरफ चट्टानें है और दूसरी तरफ खाई है। इसलिए गुलाबगंज से आबूराज सड़क मार्ग ही एकमात्र इसका विकल्प है।

उन्होंने बताया था कि वायुसेना को भी पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय प्लान के तहत एक सुरक्षित एवं सुगम आवागमन मार्ग की आवश्यकता है। समिति ने सांसद की ओर से रखे तथ्यों को स्वीकार किया। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए थे। गौरतलब है कि इस वैकल्पिक सड़क मार्ग के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय सड़क निधि कोष ( सीआरआईएफ ) से 205 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है।

तत्काल वर्क आर्डर जारी

मुख्यमंत्री के आदेश पर गुलाबगंज से आबूराज सड़क मार्ग की डिटेल प्रोजेक्ट रिर्पोट (डीपीआर) बनाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने तुरंत कार्यादेश जारी कर दिया। फर्म 9 माह में डीपीआर बनाकर विभाग को प्रस्तुत करेगी। डीपीआर बनाने पर 92 लाख रुपए खर्च होंगे। प्रोजेक्ट रिपोर्ट में 17 किमीमीटर तक टू लेन बीटी रोड और 6 किमी तक चौड़ीकरण, सोशल इम्पेक्ट, भूमि अधिग्रहण, फोरेस्ट डायवर्जन ओर वन्य जीव से कलेरियंस करवाने के कार्य शामिल हैं।

यह कार्य जयपुर की टेकोमो डेक कन्सलटेंट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को दिया है। रिपोर्ट के बाद विभाग उसकी तकनीकी एवं भौतिकी परीक्षण होगा। निर्माण की स्वीकृति के पूर्व वन एवं पर्यावरण विभाग जयपुर में इसकी स्वीकृति के लिए आवेदन किया जाएगा। वन विभाग उस आवेदन को वन्यजीव अभयारण क्षेत्र से सड़क बनाने का प्रस्ताव मय एनओसी भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को प्रस्तुत करेगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद सार्वजनिक विभाग इसके निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण करेगा और मुआवजा देगा। इसके बाद सड़क निर्माण के लिए निविदा जारी होगी।

दूरी होगी कम

इस सड़क निर्माण से आबूराज पहुंचने के दो सड़क मार्ग उपलब्ध हो जाएंगे। सिरोही जिला मुख्यालय से आबूराज की दूरी जो अभी 100 किमीमीटर है वो घटकर मात्र 55 किमी रह जाएगी। यह सड़क मार्ग आबू-दिल्ली-कांडला हाईवे फोरलेन से भी सीधा जुड़ जाएगा। यह सड़क बनने से रेवदर और सिरोही तहसील में आवागमन बढ़ेगा। रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इन दोनों क्षेत्रो में स्थित धार्मिक स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या बढ़ेेगी।

इनका कहना है

मैंने सांसद बनते ही इस सड़क को बनाने का कार्य हाथ में लिया और स्वीकृति के लिए लगातार प्रयास किए। भारत सरकार ने 205 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभारी हूं। उम्मीद है कि डबल इंजन की सरकार में गुलाबगंज से आबूराज सड़क का निर्माण जरूर होगा।

  • लुंबाराम चौधरी, सांसद, जालोर-सिरोही
Updated on:
25 Jun 2026 02:49 pm
Published on:
25 Jun 2026 02:41 pm