सिरोही

वेशभूषा-नाम बदल कर फरारी काट रहा था हत्या का आरोपी, दो साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा

रामरंगधाम आश्रम में भाविक की हत्या व लूट काका मामला

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Jul 29, 2018
sirohi
रामरंगधाम आश्रम में भाविक की हत्या व लूट काका मामला

सिरोही. खाम्बल स्थित रामरंगधाम आश्रम में हमला कर भाविक की हत्या करने व महंत समेत नौ भाविकों से मारपीट कर नकदी, जेवरात लूटने के प्रकरण में फरारी काट रहे आरोपी को कोतवाली थाना पुलिस ने करीब दो साल बाद शनिवार को गिरफ्तार किया।
आरोपी नाम और पते बदलकर दो साल से इधर-उधर घूमते हुए मजदूरी कर फरारी काटता रहा। इतना ही नहीं पुलिस से बचने के लिए परिजनों से भी सम्पर्क तोड़ लिया। लेकिन आखिरकार पुलिस के लम्बे हाथ उसके गिरेबां तक पहुंच गए। कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी को करीब दो साल बाद गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि पुलिस अधीक्षक जय यादव के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष गिरफ्तारी अभियान के तहत डीएसपी विक्रमसिंह के सुपरविजन में थाना प्रभारी आनंद कुमार के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक शैतानसिंह, कांस्टेबल नारायणलाल, सीताराम को शामिल करते हुए टीम का गठन किया गया।
जिस पर पुलिस टीम ने 8 अगस्त 2016 को खाम्बल के रंगधाम आश्रम में हमला कर हत्या व लूट करने के प्रकरण में फरार गुड़ा बोरली (माण्डवा) जिला उदयपुर निवासी रावीया पुत्र धर्मा गमेत को गिरफ्तार किया गया।ह्य

गांव छोड़ दूसरी जगह रहने लगा
आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए हर संभव प्रयास किए। ऐसे में उसने गांव को छोड़ दिया और दूसरे स्थान पर रहवास करना शुरू कर दिया। इसके लिए खुद का नाम व पता तक बदल लिया और विछीवाड़ा (ऋषभदेव) में रहने लगा।

यह था मामला
गौरतलब है कि ८ अगस्त २०१६ को खाम्बल के रंगधाम आश्रम में हथियारों से लैस अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया था। इस दौरान अंदरुनी चोटें लगने से कन्हैयालाल प्रजापत का दम टूट गया था। वहीं रामरंगधाम के महंत सूरदास समेत नौ भाविक घायल हो गए। करीब पौन घंटे तक बदमाशों ने आश्रम में आतंक मचाए रखा था और इसके बाद हजारों रुपए की नकदी, भाविकों के पहने हुए जेवरात, मोबाइल आदि सामान ले गए थे।

इनका कहना है...
&हत्या व डकैती के प्रकरण में फरार आरोपी को करीब दो साल बाद गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। आरोपी नाम-वेशभूषा बदलकर फरारी काट रहा था। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
आनंद कुमार, थाना प्रभारी, कोतवाली, सिरोही

परिजनों से भी तोड़ दिया था सम्पर्क
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने परिजनों से भी नाता तोड़ लिया था। वहीं रिश्तेदारों से भी कोई सम्पर्क नहीं साधा और दो साल तक फरारी काटता रहा। इस दौरान इधर-उधर मजदूरी कर जीवन यापन करता रहा।

Published on:
29 Jul 2018 10:28 am