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विभागीय अनदेखी के चलते वाच टॉवर नशेडिय़ों का अड्डा बन गया है।
सिरोही. बारीघाटा वन क्षेत्र में निगरानी को लेकर तैयार वाच टॉवर बदहाली के आंसू बहा रहा है। विभागीय अनदेखी के चलते वाच टॉवर नशेडिय़ों का अड्डा बन गया है। विभाग की ओर से रख-रखाव के प्रति उदासीनता बरतने से काफी वर्षों पूर्व बना यह भवन जर्जर हो गया है। इस भवन के चारों ओर हरियाली होने के कारण कई लोग यहां शराब पीने आ रहे हैं।
विभाग की पहल हो तो इस क्षेत्र को पर्यटन के लिए तैयार किया जा सकता है। लेकिन विभाग की ओर से वन और वन्यजीव की सुरक्षा देखते हुए वाच टॉवर पर कोई कर्मचारी तक नियुक्त नहीं है। जबकि, यहां गुजरात के अंबाजी के वाच टॉवर की तर्ज पर जीर्णोद्धार कर विकसित किया जा सकता है।
दरवाजे व खिडक़ी तोड़ दिए
वाच टॉवर भवन में सभी सुविधाओं के लिए अलग-अलग कमरों का निर्माण करवाया गया था। लेकिन समाजकंटकों ने सभी दरवाजे तथा खिड़कियों को तोड़ दिया है। शौचालय समेत अन्य कमरों की दीवारों को भी गंदा कर दिया गया है।
सौर उर्जा से हो
सकता है रोशन
विभाग के अधिकारियों ने बताया वाच टॉवर जंगली एरिया में बना है। ऐसे में बिजली की सुविधा करना मुश्किल है। लेकिन यहां सौर उर्जा से रोशनी हो सकती है।
ेये टॉवर भी बदहाल
जिले में सिरोही बारीघाटा के अलावा सियावा, चन्द्रावती, निचलागढ़, मीन तथा जाम्बूडी में ऐसे कई वाच टॉवर है। लेकिन सार-संभाल नहीं होने से वाच टॉवर बदहाल हो गए हैं।
&बाहरीघाटे चौकी के जीर्णोद्धार के लिए बजट मांगा गया है। बजट की स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस स्थान से काफी क्षेत्र की निगरानी रखी जा सकती है। ऐसे में जीर्णोद्धार के बाद यहां एक कार्मिक भी लगाया जाएगा। ताकि इसकी सार-संभाल व निगरानी हो सके।
संग्रामसिंह कटियार, उप वन संरक्षक, सिरोही
Published on:
26 Jul 2018 10:00 am
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