
सिरोही। आबूरोड पंचायत समिति के अंतर्गत माउंट आबू क्षेत्र की ओरिया ग्राम पंचायत में शनिवार को सरपंच और वार्डपंच पदों के लिए मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। इस दौरान युवाओं के साथ बुजुर्गों ने भी उत्साह से मतदान किया। लोकतंत्र के प्रति जज्बा ऐसा कि दुर्गम जंगल में बसे शेरगांव के मतदाता करीब 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर गुरु शिखर पहुंचे। इसके बाद वाहन से ओरिया मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शेरगांव की 101 वर्षीय सतरी बाई सहित कुछ बुजुर्ग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने में दो दिन लगे।
शेरगांव की 101 वर्षीय सतरी बाई पत्नी छतर सिंह ठीक से चलने और देखने में असमर्थ हैं, लेकिन मतदान करने की इच्छा ऐसी कि परिजनों ने उन्हें पालकी में बैठाकर दुर्गम वन मार्ग पार कराया और मतदान केंद्र तक पहुंचाया। सतरी बाई की यह यात्रा लोकतंत्र के प्रति उनकी अटूट आस्था की मिसाल बन गई। परिजनों के अनुसार, सतरी बाई ने मतदान करने की इच्छा जताई तो उनके पड़पौत्र देवी सिंह ने उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था की।
शुक्रवार को सतरी बाई को पालकी में बैठाकर घने और दुर्गम जंगल से उतरज गांव ले जाया गया। वहां रात रुकने के बाद शनिवार सुबह फिर यात्रा शुरू की। दोपहर तक पालकी से गुरुशिखर पहुंचाया गया। इसके बाद वाहन से ओरिया ग्राम पंचायत के मतदान केंद्र तक लाया गया, जहां उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। परिजन रात ओरिया में रुककर रविवार सुबह शेरगांव लौटने की तैयारी में हैं।
शेरगांव के अन्य मतदाताओं ने भी मतदान के लिए दो दिन की यात्रा की। इनमें विजय सिंह, लाल सिंह , हरि सिंह, शंकर सिंह, मुकेश सिंह, तुलसी देवी, भूता सिंह, मोहन सिंह, धन सिंह, पप्पू सिंह उम्मेद सिंह और गुमान सिंह सहित अन्य मतदाता शामिल रहे।
ओरिया उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें लगी रहीं। प्रत्याशियों के समर्थक और कार्यकर्ता दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने के प्रयास में जुटे रहे। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं से लेकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों तक में मतदान को लेकर उत्साह दिखाई दिया।