Ram Lalla Pran Pratishtha: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे वर्षगांठ के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार ने गांव, खेत और मेहनतकश हाथों को केंद्र में रखकर एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के किसानों, महिलाओं और श्रमिक परिवारों को 1,590 करोड़ रुपए की सीधी आर्थिक राहत देने की घोषणा की गई है। यह केवल […]
Ram Lalla Pran Pratishtha: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे वर्षगांठ के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार ने गांव, खेत और मेहनतकश हाथों को केंद्र में रखकर एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के किसानों, महिलाओं और श्रमिक परिवारों को 1,590 करोड़ रुपए की सीधी आर्थिक राहत देने की घोषणा की गई है। यह केवल योजनाओं का ऐलान नहीं, बल्कि गांवों तक सरकार की मौजूदगी का संकेत माना जा रहा है। अरावली स्टेडियम, सिरोही में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में यह संदेश साफ दिखा कि सरकार की प्राथमिकता अब फाइलों से निकलकर सीधे गांव तक पहुंचने की है।
23 जनवरी 2026 से राज्य के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविर शुरू किए जा रहे हैं। इन शिविरों में किसान, महिला और श्रमिकों को योजनाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। कृषि उपकरण, फार्म पोंड, पाइपलाइन, ड्रिप-स्प्रिंकलर, किसान क्रेडिट कार्ड, पशु बीमा, टीकाकरण, स्वयं सहायता समूह ऋण, युवा स्वरोजगार और सहकारी बैंक खाता जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
सरकार के अनुसार— 65 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत 653 करोड़ रुपए, 5 लाख किसानों को फसल खराबे पर 327.38 करोड़, भावांतर योजना में 10,000 किसानों को 240 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना में 20,000 लाभार्थियों को 100 करोड़, 1 लाख निर्माण श्रमिकों को 100 करोड़, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना में 30 लाख परिवारों को 75 करोड़, दुग्ध उत्पादक संबल योजना में 4 लाख दुग्ध उत्पादकों को 50 करोड़, कृषि यंत्र अनुदान में 7,000 किसानों को 39 करोड़ ।
गांवों में रहने वाले किसान और श्रमिकों के लिए यह राहत इसलिए भी खास है क्योंकि योजनाएं अब दफ्तरों के चक्कर नहीं कटवाएंगी। सरकार का दावा है कि शिविरों के जरिए आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया मौके पर ही पूरी की जाएगी।