सिरोही

पीएम मोदी के ‘बेटी बचाओ’ नारे की आवाज राजस्थान में हो रही मंदी, एक और मासूम से दुष्कर्म

शर्मसारः खतरे में बेटियों की सुरक्षा, परीक्षा देकर स्कूल से निकली दूसरी कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म का मामला।

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Apr 21, 2018
 Rape of Second class Girl in Sirohi Rajasthan news Rape cases in Rajasthan

मंडार/ सिरोही। राजस्थान के कोने-कोने से एक के बाद एक शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आ रही है जिनमें मासूम बच्चियों को शिकार बनाया जाता है। हाल ही में एक स्कूल में परीक्षा देकर निकली दूसरी कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले ने एक बार फिर नाबालिग और मासूम बच्चियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है। दिन प्रतिदिन बच्चियों के साथ बढ़ रहे रेप के मामले चीखचीख कर बता देते हैं कि राजस्थान ही नहीं, दुनिया के किसी भी कोने में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। आम इंसान तो दूर, पढ़े लिखे और समझदार लोग खासकर मासूम और नाबालिग बच्चियां जिन्हें 'रेप' शब्द का मतलब भी ठीक से पता नहीं होगा, वह भी यौन शोषण की शिकार हो रही है। 'बेटी बचाओ' के मायने, ये सारी घटनाएं खत्म करती नजर आ रही है कि आखिर जब चार, पांच साल की लड़कियों को इन दरिंदों के हाथों ही मरना है, तो क्यों न गर्भ में ही मर जाएं? हालांकि सरकार इन अपराधों को रोकने के लिए हर तरह से प्रयासरत है।

आपको बता दें कि यह मामला राजस्थान के सिरोही का है। सिरोही थाना क्षेत्र के बांट गांव के एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ वर्षीय मासूम से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। मंडार थाना प्रभारी हमीरसिंह भाटी ने बताया कि एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दी की उसकी बेटी गुरुवार सुबाह परीक्षा देकर दो सहपाठियों के साथ स्कूल से बाहर निकली थी। इस दौरान बांट निवासी कांतिलाल पुत्र रामाराम कलबी बाइक लेकर आया और मासूम को सुनसान जगह पर ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपित मासूम को वहीं अकेला छोड़कर बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। बच्ची को रोता देखकर एक ग्रामीण ने उसके घर पहुंचाया। पीड़िता की हालत देख परिजन उसे लहुलूहान हालत में थाने लेकर पहुंचे। इधर, पुलिस ने आरोपित कांतिलाल को आबूरोड पर गिरफ्तार कर लिया।

गौरतलब है कि बच्चियों के रेप के मामले को देखते हुए सरकार पोक्सो एक्ट में संशोधन करने की तैयारी में है। बलात्कार के नए कानून के मुताबिक और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद बलात्कार के आरोप के तुरंत बाद ही आरोपी की गिरफ्तारी होनी चाहिए। वहीं अगर बात करें रेप के बढ़ते मामलों की तो एक तरफ तो हमारे देश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे लगाए जाते हैं, तो दूसरी ओर समाज के ठेकेदार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। अपनी और समाज की सोच को बदलकर ही महिलाओं पर होने वाले दुष्कर्म जैसे अपराध को कम किया जा सकता है और इस तरह के जुर्म को रोकने के लिए आरोपियों के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद करनी होगी और राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे।

Published on:
21 Apr 2018 11:54 am