Karodidhwaj Dam: सिरोही जिले के करोड़ीध्वज बांध का वर्षों बाद जीर्णोद्धार शुरू होने से किसानों में नई उम्मीद जगी है। करीब 2.97 करोड़ रुपए की लागत से बांध और नहरों की मरम्मत कर सिंचाई व्यवस्था को फिर से मजबूत किया जाएगा।
सिरोही। आबूराज की पहाड़ियों की गोद में स्थित करोड़ीध्वज बांध अब एक बार फिर किसानों के लिए नई उम्मीद और जीवनरेखा साबित होगा। लंबे समय से लीकेज और जर्जर नहरों के कारण यह बांध अपनी उपयोगिता खो चुका था। हर वर्ष बारिश में भरने के बावजूद पानी ठहर नहीं पाता था और कुछ ही समय में बांध खाली हो जाता था। अब जल संसाधन विभाग ने इसके पुनर्जीवन का कार्य शुरू कर दिया है।
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करीब 2.97 करोड़ रुपए की लागत से करोड़ीध्वज बांध और उससे जुड़ी नहरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना के अंतर्गत यह कार्य शुरू हो चुका है। 26 मार्च 2026 से आरंभ हुए इस निर्माण कार्य को 25 मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ किसानों के लिए राहत लेकर आएगी। बांध के पुनर्जीवन से न केवल सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि जल संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
करोड़ीध्वज बांध का निर्माण वर्ष 1990 में हुआ था। कई वर्षों पहले इस बांध से आसपास के क्षेत्रों में नियमित सिंचाई होती थी, लेकिन लगातार सीपेज और नहरों की खराब स्थिति के कारण इसकी उपयोगिता धीरे-धीरे समाप्त हो गई। अब मरम्मत कार्य के जरिए पानी के रिसाव को कम किया जाएगा, जिससे बांध में पानी का ठहराव बढ़ेगा और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। इससे आसपास के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद बांध की मजबूती बढ़ेगी और बारिश के बाद बांध खाली होने की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही नहरों की मरम्मत होने से सिंचाई व्यवस्था दोबारा सुचारु हो सकेगी और खेतों तक पानी आसानी से पहुंच पाएगा।
| निर्माण वर्ष | 1990 |
| भराव क्षमता | गेज 5.40 मीटर |
| स्टोरेज क्षमता | 94.91 एमसीएफटी |
| मिट्टी की पाल की लंबाई | 1740 मीटर |
| ओवरफ्लो की लंबाई | 150 मीटर |
| मुख्य नहर | 3.52 किमी |
| माइनर नहर | 2.75 किमी |
| सिंचाई क्षेत्र | बांध व नहरों से कुल 558 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई |
करीब 2.97 करोड़ रुपए की लागत से करोड़ीध्वज बांध के जीर्णोद्धार कार्य में सीपेज कम करने के लिए सीओटी का कार्य किया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और इसे आगामी दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के तहत नहरी तंत्र की मरम्मत भी की जाएगी, जिससे पानी का रिसाव नियंत्रित होगा और बांध में पानी का ठहराव सुनिश्चित किया जा सकेगा। इन सुधारात्मक कार्यों से कमांड क्षेत्र के किसानों को फिर से सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। परियोजना पूर्ण होने के बाद बांध की मजबूती बढ़ेगी और नहरों के जरिए खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाया जा सकेगा।