Sewerage Accident in Sirohi : राजस्थान में सीवरेज कार्य के दौरान एक बार फिर प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सिरोही जिले के आबूरोड में सीवरेज कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से चार मजदूर दब गए। जिनमें से दो मजदूरों की मौत हो गई।
Sewerage Accident in Sirohi : सिरोही। राजस्थान में सीवरेज कार्य के दौरान एक बार फिर प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सिरोही जिले के आबूरोड में सीवरेज कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से चार मजदूर दब गए। जिनमें से दो मजदूरों की मौत हो गई और दो मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही आबूरोड उपखंड अधिकारी विरमाराम व पुलिस उप अधीक्षक अचल सिंह देवड़ा मौके पर पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली।
जानकारी के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब बुधवार सुबह 6.30 बजे चारों मजदूर आबूरोड में कॉलेज ग्राउंड के पीछे सीवरेज कार्य में जुटे हुए थे। तभी सीवरेज चेम्बर धंसने से चारों मजदूर दब गए। तभी आसपास खड़े युवकों ने हिम्मत दिखाई और चारों को मिट्टी खोदकर बाहर निकालने का प्रयास किया। कुछ ही देर में आबूरोड पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद जेसीबी की मदद से मिट्टी हटाकर चारों मजदूरों को बाहर निकाला गया। एंबुलेंस की मदद से चारों मजदूरों को राजकीय अस्पताल ले जाया गया। जहां पर पर डाक्टरों ने दो मजदूरों को मृतक घोषित कर दिया। वहीं, दो मजदूरों का सरकारी अस्पताल में उपचार जारी है।
माउंट आबू पुलिस वृताधिकारी अचल सिंह देवड़ा ने बताया कि आबूरोड में सीवरेज लाइन का काम चल रहा है। बुधवार सुबह आठ मजदूर काम में जुटे हुए थे। तभी चार मजदूर सीवरेज चेंबर के अंदर घुसे। इसी दौरान मिट्टी धंसने से चार मजदूर दब गए। जिन्हें काफी मशक्कत के बाद सीवरेज चेंबर से बाहर निकाला और अस्पताल भेजा गया। लेकिन, दो मजदूरों की मौत हो गई। मरने वाले दोनों मजदूर बिहार के बताए जा रहे है।
पुलिस ने भी माना कि सीवरेज काम के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। मिट्टी गीली होने के कारण हादसा हो गया, जिसके कारण दो मजदूरों की मौत हो गई और दो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर सुरक्षा को लेकर इंतजाम किए जाते तो शायद ऐसा गंभीर हादसा ना होता। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। बता दें कि राजस्थान में पहले भी ऐसे हादसे सामने आ चुके है और प्रशासन की गलती का खामियाजा मजदूरों अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है।