सिरोही

सामाजिक सरोकार से जुड़ी महिलाएं बोली- राजनीति में स्वच्छ चरित्र के लोग ला सकते हैं बदलाव

- ‘चेंजमेकर-बदलाव के नायक’ पर परिचर्चा में महिला प्रतिनिधियों के बेबाक विचार...

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सिरोही. राजनीति में चेहरे बदलते हैं चरित्र नहीं। साफ चरित्र के लोग मैदान में आएंगे तो बदलाव निश्चित रूप से होगा। अभी देश का राजनीतिक माहौल आम आदमी के लिए अनुकूल नहीं है। पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिला-पुरुष चेंजमेकर साबित हो सकते हैं। राजनीति की गंदगी साफ करने के लिए महिलाएं भी अहम भूमिका निभा सकती हैं।
पत्रिका की ओर से चेंजमेकर-बदलाव के नायक, स्वच्छ करें राजनीति महाअभियान के तहत शुक्रवार को यहां हुई परिचर्चा में कुछ ऐसे ही विचार उभरकर सामने आए। इसमें शामिल हुई महिला प्रतिनिधियों ने पत्रिका की पहल की सराहना की। इस दौरान राजस्थान पत्रिका एप के माध्यम से महिला चेंजमेकरों ने बदलाव के नायक बनने के लिए न केवल नामांकन दाखिल किया बल्कि इस अहम मुद्दे पर परिचर्चा में बेबाकी से पक्ष रखा।

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सार्थक परिणाम आएंगे
इंसान महत्वाकांक्षाओं से आगे बढ़ता है। सभी समाजों को आगे आकर इस मुहिम से जुडऩा चाहिए। इससे राजनीतिक लोगों को भी यह अहसास हो जाए कि अब आमजन को बरगलाया नहीं जा सकेगा। राजनीतिक शुद्धीकरण के इस कार्य से आने वाले समय में लाभ मिलेगा। पत्रिका की मुहिम के सार्थक परिणाम सामने आएंगे।
- डॉ. रक्षा भंडारी, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड

अच्छे लोगों की जरूरत
समाज को अच्छे लोगों की जरूरत है। भारत को स्वच्छ तभी बनाया जा सकता है जब राजनेता स्वच्छ होगा। राजनीति में चेहरे बदलते हैं लेकिन चरित्र नहीं। कोई भी राजनीतिक दल हो लेकिन व्यवस्था वही रहती है। इसमें अब बदलाव का समय आ गया है। महिलाएं इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
- वर्षा शर्मा, वॉलेंटियर, राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला-बाल विकास आयोग, सिरोही

ऐतिहासिक शुरुआत
कोई भी स्वच्छ छवि आदमी आगे आएगा तो देश में जरूर बदलाव होगा। पत्रिका ने नारी शक्ति को इस अभियान से जोड़ा है, इससे यह मुहिम वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को बदलने वाली ऐतिहासिक शुरुआत है।
- ईशु देवड़ा, सिरोही

राजनीति में बढ़ेगा विश्वास
लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना होगा, अगर हर किसी के दिमाग में बदलाव आ भी गया तो देश बदल सकता है। पार्टी नहीं, इंसान देखकर चुनना चाहिए। जाति, धर्म तथा संगठनों में बंटवारे की बजाय सभी को साथ मिलकर चलना चाहिए। जातिवाद का जहर समाज के लिए घातक है।
- रतन बाफना, सदस्य, परिवार कल्याण समिति

बेदाग छवि वाले आगे आएं
वर्तमान में राजनीति का स्तर काफी गिर गया है, इससे दूर रहना चाहिए, हालांकि राजनीति में स्वच्छ एवं बेदाग छवि के लोगों को आगे आना चाहिए। जो सभी को साथ लेकर समाज से ऊपर उठकर कार्य करे।
- शशिकला मरडिया, कोषाध्यक्ष, महिला चेतना मंच

वातावरण समझना होगा
देश के विकास के लिए स्वच्छ राजनीति का होना आवश्यक है। इस मुहिम के माध्यम से कर्तव्यनिष्ठ लोग आगे आएंगे। आमजन को कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। महिलाएं इस क्षेत्र में बेहतर चेंजमेकर साबित हो सकती हैं। पत्रिका के अभियान से राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव निश्चित रूप से आएगा। ईमानदार और सेवाभावी लोग आगे आएंगे।
- दुर्गा देवड़ा, गृहिणी

लोगों को जुडऩा चाहिए
राजनीति में स्वच्छ लोगों को आगे आने के लिए यह अनूठी पहल है। पत्रिका की इस मुहिम से अधिक से अधिक लोगों को जुडऩा चाहिए।
- रतन सोनी, सदस्य, करुणा क्लब

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Published on:
07 Apr 2018 09:50 am
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