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जिम्मेदार मौन: नहीं थमी ओवरलोड वाहनों की रफ्तार

- परिवहन विभाग को कार्रवाई में नहीं रुचि

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सिरोही फोरलेन से गुजरता ओवरलोड ट्रेलर।

सिरोही. मालवाहक वाहनों में क्षमता से अधिक सामान के परिवहन पर प्रतिबंध होने के बावजूद फोरलेन पर ओवरलोड वाहनों का बेखौफ संचालन हो रहा है। सिरोही से गुजरने वाले अधिकतर मालवाहक वाहनों में क्षमता से ज्यादा माल भरा रहता है लेकिन परिवहन विभाग के उडऩ दस्ते इनको अनदेखा कर रहे हैं। ओवरलोड वाहन गुजरात बॉर्डर पर बनी विभागीय चौकियों को धता बताते हुए सीधे ही राज्य में प्रवेश कर रहे हैं। इससे राजस्व को नुकसान के साथ हादसों का अंदेशा भी बढ़ रहा है। ओवरलोड वाहनों को छोडऩे पर निरीक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान है।
बाहरीघाटा जंक्शन पर पत्रिका टीम ने करीब तीन घंटे खड़े रहकर ऐसे कई वाहनों को कैमरे में कैद किया। ऐसे सैकड़ों वाहनों का आना जाना होता है लेकिन विभाग की ओर से नगण्य कार्रवाई की जाती है। गुजरात बॉर्डर पर स्थापित चैकपोस्ट से होते हुए वाहन आसानी से सिरोही में प्रवेश कर जाते हैं। इसका कारण चौकियों पर तैनात फ्लाइंग और गार्ड की मिलीभगत है।

सवेरे जांच दिनभर रास्ता साफ
परिवहन विभाग की टीम जिले के आस-पास में अलसवेरे जांच करती है लेकिन दिनभर यह टीम फोरलेन से गायब रहती है। ऐसे में ओवरलोड वाहन चालक भी दिनभर फोरलेन पर फर्राटे भरते नजर आते हैं।

हत्या के प्रयास में दो को सात वर्ष का कठोर कारावास
आबूरोड. अपर जिला व सेशन न्यायाधीश-२ दलपतसिंह राजपुरोहित ने हत्या के प्रयास के मामले में दो अभियुक्तों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास व पांच हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया।
परिवादी आबकारी मोहल्ला निवासी तेजसिंह पुत्र कालूसिंह ने इलाज के दौरान सीएचसी में बयान में बताया था कि ९ अगस्त २०११ की सुबह वह व उनका भाई नरेन्द्र व अन्य नदी में दशा माता की मूर्ति विसर्जित कर घर आ रहे थे। रास्ते में नरेन्द्रसिंह, भवानीसिंह उर्फ पृथ्वीसिंह पुत्र किशोरसिंह तलवार व लाठियां लेकर खड़े मिले। दोनों ने वार करना शुरू किया जिससे उनके सिर, हाथ व शरीर के अन्य जगहों पर गहरी चोटें आईं। बीच-बचाव करने पर पत्नी के भी चोटें आईं। उक्त पर्चा बयानों पर पुलिस थाना आबूरोड शहर ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मेडिकल रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराध प्रमाणित कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया। कुल १५ गवारों को परीक्षित करवाया व घटना में प्रयुक्त तलवार व लाठी न्यायालय में पेश किए। सुनवाई के बाद अपर लोक अभियोजन संख्या-दो धर्मेंद्रकुमार पुरोहित के तर्कों से सहमत होकर दोनों आरोपितों को दंडित किया गया।

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