
चंडीगढ़। हरियाणा जाटों तथा अन्य जातियों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के लिए गठित किए गए पिछड़ा वर्ग आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर हरियाणा में जातिगत जनगणना करवाए जाने की मांग की है। जाट आरक्षण पर छिड़े विवाद के बीच हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था। आयोग द्वारा इस मामले में अपना काम शुरू किया जा चुका है।
इसी दौरान आयोग के अध्यक्ष एस.एन. अग्रवाल ने हरियाणा के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर कई अहम जानकारियां मांगी हैं। जिसके आधार पर नए सिरे से आरक्षण की सीमा को तय किया जाएगा। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा में जातिगत जनगणना करवाई जानी बेहद जरूरी है। जिसके आधार पर ही आरक्षण के नियम तय किए जा सकेंगे। इसके अलावा इस पत्र के माध्यम से हरियणा के विभिन्न विभागों में दर्जा एक से दर्जा चार तक तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों का भी ब्यौरा मांगा गया है।
सरकार द्वारा कर्मचारियों की जातिगत रिपोर्ट दिए जाने के बाद आयोग के समक्ष यह साफ हो जाएगा कि हरियाणा में सरकारी नौकरियों में किस जाति के पास कितना प्रतिनिधत्व है। हालांकि हरियाणा सरकार द्वारा आयोग के पत्र में किसी तरह की अधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन माना जा रहा है कि सरकार द्वारा आयोग को सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारियों की जातिगत सूची प्रदान की जा सकती है। इसके बाद ही आयोग द्वारा हरियाणा में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण हेतु नई नियमावली तैयार की जाएगी।