Sitapur के चलाकापुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से भीषण आग लग गई, जिसमें दो महिलाओं और एक मासूम की मौत हो गई, कई घर जलकर राख हो गए।
Sitapur News: जिले के सदरपुर थाना क्षेत्र के चलाकापुर गांव में शनिवार देर शाम को कुदरत का ऐसा भयावह कहर टूटा, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। आकाशीय बिजली गिरने से भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं की जलकर मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्ची की भी मौत की खबर सामने आई है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर ओर चीख-पुकार का माहौल है।
सदरपुर क्षेत्र के चलाकापुर गांव में अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में तेज गर्जना और बिजली चमकने लगी। इसी दौरान एक जोरदार आकाशीय बिजली गांव के बीचों-बीच गिरी।बिजली गिरते ही कई झोपड़ियों और कच्चे मकानों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
चलाकापुर गांव में अधिकतर घर कच्चे और फूस से बने हुए थे, जिससे आग ने तेजी से पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों ने बाल्टी, हैंडपंप और अन्य संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। कई घरों का सामान, अनाज, कपड़े और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर पूरी तरह राख हो गईं।
इस भयावह हादसे में फूलमती नाम की महिला की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं दूसरी महिला भी आग की चपेट में आ गई और उसे बचाया नहीं जा सका। दोनों महिलाओं की मौत इतनी दर्दनाक थी कि गांव के लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे में एक मासूम बच्ची माही के भी मौत की खबर सामने आई है। हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि बच्ची आग की चपेट में आ गई थी। माही की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग इस घटना को लेकर बेहद आहत हैं।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक गांव का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आकाशीय बिजली गिरने को ही आग लगने का कारण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और सरकारी सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि आग इतनी अचानक लगी कि उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। एक ग्रामीण ने कहा, “हम लोग अपने-अपने काम में लगे थे, तभी जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई। हम कुछ भी नहीं बचा सके, सब कुछ जल गया।” दूसरे ग्रामीण ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा भयावह मंजर कभी नहीं देखा।
यह घटना एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण इलाकों में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सूत्रों का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों में बिजली गिरने से बचाव के लिए जागरूकता और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की जरूरत है।